नेपाल में आगामी आम चुनावों से पहले दो प्रमुख मधेसी राजनीतिक दलों ने एकजुट होने का ऐलान किया है। 5 मार्च को प्रस्तावित आम चुनावों से पहले जनता समाजवादी पार्टी (जेएसपी) और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (एलएसपी) के विलय की घोषणा रविवार को हुई।
संयुक्त बयान जारी कर विलय की घोषणा
नेपाल में आम चुनावों से पहले दो प्रमुख मधेसी पार्टियों ने विलय करने की घोषणा की है। आम चुनाव अगले साल 5 मार्च को होने हैं। ऐसे में महंत ठाकुर के नेतृत्व वाली जनता समाजवादी पार्टी (जेएसपी) और उपेंद्र यादव के नेतृत्व वाली लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (एलएसपी) ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी कर विलय की घोषणा की है।
दोनों दलों के अध्यक्षों के किया हस्ताक्षर
दोनों दलों के नेताओं ने कहा कि देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का विश्लेषण करने और संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता को महसूस करते हुए यह फैसला लिया गया है। संयुक्त बयान में कहा गया, 'दोनों दलों के एकीकरण का फैसला संघीयता, पहचान, अनुपातिक प्रणाली पर आधारित समावेशिता और सामाजिक न्याय जैसे दूरदर्शी बदलावों से जुड़े मुद्दों को मजबूत कर एक न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के उद्देश्य से लिया गया है।'
बयान पर दोनों दलों के अध्यक्षों के हस्ताक्षर हैं। साथ ही कहा गया है कि पार्टी एकीकरण से जुड़े आवश्यक विचार-विमर्श और प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को बाद में पूरा किया जाएगा।
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बालेन शाह बने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार
इधर, काठमांडो महानगरपालिका के मेयर बलेंद्र शाह, जिन्हें लोकप्रिय रूप से बालेन के नाम से जाना जाता है, उनको रविवार को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नामित किया गया है, उन्होंने और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने 5 मार्च को होने वाले नेपाल चुनावों में संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के अनुसार बालेन और उनका समूह चुनाव आयोग की ओर से दिए गए आरएसपी के चुनाव चिन्ह 'घंटी' पर चुनाव लड़ेगा। बालेन की ओर से अपनी टीम का आरएसपी में विलय करने पर सहमति जताने के बाद पार्टी का नाम, झंडा और चुनाव चिन्ह अपरिवर्तित रहेंगे।
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