इस्त्राइल हमास में युद्धविराम समझौते के तहत शनिवार को दोनों के बीच कैदियों और बंधकों के बीच एक और चरण की अदला-बदली हुई। इसके तहत हमास ने अमेरिकी मूल के इस्राइली बंधक, कीथ सीगल (65) को रेड क्रॉस के हवाले किया। इससे पहले उसने यार्दन बिबास (35) और फ्रांसीसी मूल के इस्त्राइली नारिक ओफर कैल्डेरोन (54) को रेड क्रॉस के हवाले किया। उधर, इस्राइल ने भी उसकी जेलों में बंद 183 फलस्तीनी कैदियों को रिहा कर दिया।
इस साल की शुरुआत में 19 जनवरी से शुरू हुए इस युद्ध विराम का उद्देश्य इस्राइल और हमास के बीच घातक और विनाशकारी संघर्ष को समाप्त करना है। बता दें कि इस्राइल और हमास के बीच युद्धविराम का पहला चरण मार्च की शुरुआत तक चलेगा, जिसमें हमास इस्राइल के 33 बंधकों को रिहा करेगा। इसके बदले में इस्राइल करीब दो हजार फलस्तीनी कैदियों को रिहा करने के लिए तैयार हुआ है।
हमास के कार्यकर्ता बंधकों को लेकर सीगल गाजा सिटी में समुद्र के किनारे स्थापित मंच पर पहुंचे और उन्हें रेड क्रॉस के अफसरों के हवाले कर दिया। तीनों को 7 अक्तूबर, 2023 को इस्त्राइल पर हमास के हमले के दौरान बंधक बनाया गया था। इस्त्राइल की ओफर सैन्य जेल से शनिवार को एक बस 32 कैदियों को लेकर पश्चिमी तट के लिए रवाना हुई। फलस्तीनी अफसरों ने कहा, कुल 183 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया जा रहा है। इनमें कई लोग लंबी अवधि की सजा या उम्रकैद काट रहे थे।
हमास और इस्राइल के बीच युद्धविराम समझौता
इस युद्धविराम के दौरान पहले तीन बंधकों को रिहा किया गया था, जिसके बदले में इस्राइल की तरफ से पकड़े गए 90 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया था। इसके बाद हमास ने आठ बंधकों को रिहा किया, जिसमें तीन इस्राइली और पांच थाईलैंड के नागरिक शामिल हैं। बदले में इस्राइल ने भी 110 फलस्तीनी कैदियों को रिहा कर दिया।
15 महीने तक चला युद्ध
सात अक्तूबर 2023 को हमास ने इस्राइल पर हमला किया था। इस हमले में करीब 1,200 इस्राइली नागरिक मारे गए थे। हमास ने करीब ढाई सौ लोगों को बंधक बना लिया था। इसके बाद इन्हें गाजा ले जाया गया। इसके जवाब में इस्राइल ने गाजा पट्टी पर हमले शुरू किए। इस्राइली हमलों में 46,000 से ज्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं। इस युद्ध के कारण गाजा पट्टी की 90 फीसदी आबादी को विस्थापन का सामना करना पड़ा है। वहीं, लोगों के सामने भुखमरी का संकट भी खड़ा हो गया। इस्राइल द्वारा रिहा किए जाने वाले कैदियों में से कई ऐसे हैं, जो आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इस्राइल के करीब 90 बंधक अभी भी हमास की कैद में हैं। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि इनमें से एक तिहाई की मौत हो चुकी है।