सिंगापुर के राष्ट्रपति ने संसद के लिए नौ मनोनीत सदस्यों के नामों को मंजूरी दी है, जिनमें भारतीय मूल के डॉ. हरेश सिंगाराजू और संजीव कुमार तिवारी भी शामिल हैं। समाज और अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले ये सदस्य ढाई साल तक सेवा देंगे।
सिंगापुर में भारतीय मूल की दो हस्तियां अगले सप्ताह संसद सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रही हैं। चैनल न्यूज एशिया ने बताया कि यह जोड़ी उन नौ नामों में शामिल है जिन्हें राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम ने आठ जनवरी को नॉमिनेटेड मेंबर ऑफ पार्लियामेंट (NMPs) के तौर पर घोषित किया है। वे इस महीने संसद के अगले सत्र में शपथ लेंगे।
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चयनित सदस्यों में कौन?
इसमें चयनित व्यक्तियों में 'नेशनल यूनिवर्सिटी पॉलीक्लिनिक्स' के चिकित्सक डॉ. हरेश सिंगाराजू और 'अमलगमेटेड यूनियन ऑफ पब्लिक एम्प्लॉइज' के महासचिव संजीव कुमार तिवारी का नाम शामिल है। संसद के लिपिक कार्यालय ने शुक्रवार को इन नामों को सार्वजनिक किया।
घोषित नौ लोगों की सूची में कपड़ों की कंपनी 'सिंग लुन होल्डिंग्स' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क ली कीन फी भी शामिल हैं, जो दूसरे कार्यकाल के लिए वापसी कर रहे हैं। इन सभी नवनिर्वाचित सदस्यों ने अपने कार्यक्षेत्र, समुदाय और समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। सदन की नेता और सत्तारूढ़ 'पीपल्स एक्शन पार्टी' की अनुभवी भारतीय मूल की नेत्री इंद्राणी राजा ने 15वीं संसद में इन नए सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सदस्यों की कई क्षेत्रों में विशेषज्ञता और अनुभव संसदीय चर्चाओं को और समृद्ध बनाएगा, विशेषकर ऐसे समय में जब सिंगापुर एक अनिश्चित वैश्विक माहौल में अपने भविष्य की दिशा तय कर रहा है।
मनोनीत सदस्य का क्या होता है काम?
बात दें कि इससे पहले एक विशेष चयन समिति ने आम जनता और फंक्शनल ग्रुप्स को विचार के लिए नाम भेजने के लिए आमंत्रित किया था। मनोनीत संसद सदस्य योजना का मुख्य उद्देश्य संसद में गैर-राजनीतिक और विविध विचारों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। इसके लिए ऐसे व्यक्तियों का चयन होता है जिन्होंने जनसेवा, कला, विज्ञान या व्यापार में राष्ट्र का मान बढ़ाया हो। प्रत्येक कार्यकाल में नौ ऐसे सदस्यों की नियुक्ति होती है, जिनका कार्यकाल ढाई वर्ष का रहता है।
अन्य सदस्यों में कौन?
इनके अलावा अन्य छह मनोनीत सदस्यों में अजहर ओथमान, एसोसिएट प्रोफेसर गोह तोह चुआन केनेथ, एसोसिएट प्रोफेसर टेरेंस हो वाई लुएन, कुआह बून थेंग, डॉ. नियो कोक बेंग और प्रोफेसर केनेथ पून किन लूंग शामिल हैं। ज्ञात हो कि पिछली संसद में भी भारतीय मूल के तीन मनोनीत सदस्य थे।