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दो भारतीयों को सऊदी अरब में हत्या और लूटपाट के अपराध में मौत की सजा

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Wed, 17 Apr 2019 04:00 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

सऊदी अरब में दो भारतीय नागरिकों के एक अन्य भारतीय की हत्या के जुर्म में सिर कलम कर दिए गए हैं। इस बात की पुष्टि भारतीय विदेश मंत्रालय ने की है। दोनों भारतीयों में सतविंदर कुमार होशियारपुर और हरजीत सिंह लुधियाना से थे। दोनों के इसी साल 28 फरवरी को सिर कलम किए गए।



हालांकि रियाद में सऊदी अधिकारियों ने भारतीय दूतावास को इस बात की कोई जानकारी नहीं दी। वहीं मृतकों के शव भी उनके परिवारों को नहीं मिल पाएंगे, क्योंकि ऐसा सऊदी के नियमों के खिलाफ है। 


हरजीत और सतविंदर की लूटे गए पैसों को बांटने के दौरान इमामुद्दीन से हाथापाई हो गई थी। इसके कुछ दिनों बाद दोनों को शराब पीकर लड़ाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वहीं जब निर्वासन की औपचारिकताएं पूरी की गईं, तो पता चला कि दोनों हत्या के एक मामले से जुड़े हुए हैं। 


जब सतविंदर की पत्नी सीमा रानी ने अपने पति के बारे में जानने के लिए याचिका दायर की, तो विदेश मंत्रालय को इसपर कार्रवाई करते हुए जानकारी मिली। फिर सतविंदर और हरजीत दोनों के बारे में मंत्रालय ने जानकारी दी। 


सोमवार को सीमा रानी को मिले खत में कहा गया है कि सतविंदर और हरजीत को आरिफ इमामुद्दीन की कथित तौर पर हत्या करने के आरोप में 9 दिसंबर, 2015 को गिरफ्तार किया गया था।


टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने कहा है, "उन्हें ट्रायल के लिए रियाद की जेल में भेजा गया था और दोनों ने अपना अपराध मान लिया। 31 मई, 2017 को जब उनके मामले की सुनवाई हुई तब वहां दूतावास का एक अधिकारी मौजूद था। उस समय, मामले की फाइल अपील अदालत में ट्रांसफर की गई, जिसमें उनपर हिरभा (हाईवे पर चोरी करना, मौत की सजा तय की गई) का भी आरोप लगा।"  


इस खत पर निदेशक (कांसुलर) प्रकाश चंद के हस्ताक्षर हैं। इसमें कहा गया है कि ट्रायल की स्थिति जानने के लिए दूतावास के अधिकारी जेल गए थे। "लेकिन दोनों को 28 फरवरी, 2019 को सजा दी जा चुकी थी। इसकी जानकारी दूतावास को भी नहीं दी गई। विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब से शवों को भारत लाने की बात भी कही, लेकिन सऊदी के नियम इसकी इजाजत नहीं देते हैं।"

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