अभियोजकों ने कहा कि इन तीनों को पहली क्रिप्टोकरेंसी इनसाइडर ट्रेडिंग टिपिंग स्कीम में आरोपित किया गया है। इस मामले में आरोपियों ने कम से कम 25 अलग-अलग क्रिप्टो एसेट में अवैध व्यापार किया और लाखों डॉलर का अवैध लाभ कमाया।
अमेरिका में दो भारतीय भाइयों और उनके भारतीय-अमेरिकी मित्र पर पहली बार क्रिप्टोकरेंसी इनसाइडर ट्रेडिंग मामले में आरोप लगाया गया है। सिएटल में रह रहे 32 वर्षीय ईशान वाही और उनका 26 वर्षीय भाई निखिल वाही भारत के नागरिक हैं ने ह्यूस्टन के 33 वर्षीय समीर रमानी (भारतवंशी) के साथ मिलकर 10 लाख डॉलर (करीब 8 करोड़ रुपये) से ज्यादा का अवैध लाभ कमाया है।
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न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के लिए अमेरिकी अटॉर्नी डेमियन विलियम्स और संघीय जांच ब्यूरो के न्यूयॉर्क फील्ड कार्यालय के सहायक निदेशक माइकल जे ड्रिस्कॉल ने केस खोलने की घोषणा की। तीनों पर क्वॉइनवेस एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाली क्रिप्टो एसेट को लेकर गुप्त सूचनाएं लीक करने का आरोप है।
वाही बंधुओं को बृहस्पतिवार देर रात सिएटल में गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें वाशिंगटन के जिला कोर्ट में पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि रमानी वर्तमान में भारत में है। रमानी और ईशान वाही ने एक ही समय में ऑस्टिन में टेक्सास विश्वविद्यालय में पढ़ाई की और घनिष्ठ मित्र बने।
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25 अलग-अलग क्रिप्टो एसेट में इनसाइडर ट्रेडिंग
अभियोजकों ने कहा कि इन तीनों को पहली क्रिप्टोकरेंसी इनसाइडर ट्रेडिंग टिपिंग स्कीम में आरोपित किया गया है। इस मामले में आरोपियों ने कम से कम 25 अलग-अलग क्रिप्टो एसेट में अवैध व्यापार किया और लाखों डॉलर का अवैध लाभ कमाया। ईशान वाही पर वायर फ्रॉड की साजिश व वायर फ्रॉड के दो मामले दर्ज हैं, जिनमें से प्रत्येक में अधिकतम 20 साल की सजा का प्रावधान है।