नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दो भारतीय पर्वतारोहियों और उनके टीम लीडर पर छह साल का प्रतिबंध लगा दिया है। इन दोनों पर्वतारोहियों के किसी भी चोटी पर चढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
पर्वतारोहियों ने उठाए थे सवाल
8,848.86 मीटर (29,032 फुट) ऊंचे माउंड एवरेस्ट पर पहुंचना हर पर्वतारोही का सपना होता है। नरेंद्र यादव को जब प्रतिष्ठित तेनजिंग नोरगे एडवेंचर अवार्ड के लिए नामित किया गया तो अन्य पर्वतारोहियों ने सवाल उठाए कि वे एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचे भी या नहीं। नेपाल पर्यटन मंत्रालय का कहना है कि अन्य पर्वतारोहियों से बातचीत और विस्तृत जांच के बाद पता चला है कि ये दोनों कभी एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचे ही नहीं। ये लोग किसी भी तरह की तस्वीर या अन्य सबूत दिखाने में भी विफल रहे।
फर्जी दस्तावेज जमा किए
इसके साथ ही नेपाल सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए अभियान का आयोजन करने वाली एजेंसी, सेवन समिट ट्रेक्स प्राइवेट लिमिटेड पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।संस्कृति मंत्रालय ने टीम के लाइजनिंग अधिकारी पवन कुमार घिमिरे को भी चेतावनी दी है कि वे भविष्य में ऐसी गलतियों को न दोहराएं। मंत्रालय ने अभियान के दौरान चढ़ाई करने वाले समर्थक नगा देवा शेरपा पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया है। शेरपा ने झूठे दस्तावेज दायर कर दावा किया था कि नरेंद्र सिंह यादव ने माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी।