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ट्विटर के पूर्व अफसरों ने मानी गलती : कहा-कई मुद्दों को संभालने में चूक, लेकिन सरकार के दबाव में काम नहीं किया

Thu, 09 Feb 2023 02:03 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कई दस्तावेज भी सामने आए हैं, जिससे मालूम चलता है कि किस तरह से इन मुद्दों पर ट्विटर ने काम किया। एलन मस्क द्वारा कंपनी संभालने के बाद इन दस्तावेजों को 'ट्विटर फाइल्स' के नाम से सार्वजनिक किया गया था। इसमें ट्विटर कर्मचारियों के कई आंतरिक ई-मेल, कम्युनिकेशन शामिल हैं। 
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ट्विटर के पूर्व अधिकारी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर के पूर्व अधिकारियों ने आखिरकार अपनी गलती मार ही ली। बुधवार को न्यू रिपब्लिकन की हाउस ओवरसाइट कमेटी के सामने ट्विटर के पूर्व डिप्टी काउंसिल जेम्स बेकर, हेड ऑफ ट्रस्ट एंड सेफ्टी योएल रोथ और चीफ लीगल ऑफिसर रहीं विजया गाड्डे पेश हुए। कमेटी के सवालों का जवाब देते हुए इन पूर्व अधिकारियों ने माना कि कई मुद्दों को संभालने में कंपनी से चूक हुई है। इनमें अक्तूबर 2020 में चली बाइडेन लैपटॉप स्टोरी,  तमाम मेडिकल प्रोफेशनल्स की कोरोना पर राय जैसे मामले शामिल हैं। 
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हाउस ओवरसाइट कमेटी ट्विटर पर लगे तमाम आरोपों की जांच कर रही है। खासतौर पर हंटर बाइडेन लैपटॉप स्टोरी और प्लेटफॉर्म पर सेंसरशिप लगाने से जुड़े बॉर्डर कंप्लेंट्स पर ये जांच हो रही है। रिपब्लिकन जेम्स कॉमर इस कमेटी के प्रमुख हैं। कॉमर बाइडेन परिवार से जुड़े व्यापार डील की जांच को हेड कर रहे हैं। इसमें कई दस्तावेज भी सामने आए हैं, जिससे मालूम चलता है कि किस तरह से इन मुद्दों पर ट्विटर ने काम किया। एलन मस्क द्वारा कंपनी संभालने के बाद इन दस्तावेजों को 'ट्विटर फाइल्स' के नाम से सार्वजनिक किया गया था। इसमें ट्विटर कर्मचारियों के कई आंतरिक ई-मेल, कम्युनिकेशन शामिल हैं। 

और क्या-क्या खुलासे हुए? 
ट्विटर फाइल्स के सामने आने के बाद पता चला है कि किस तरह से कंपनी ने तत्कालीन अधिकारियों ने चिन्हित यूजर्स के अकाउंट को ब्लॉक किया, शेडो बैन लगाया और यूजर्स के रीच को कमजोर किया। इसके अलावा हंटर बाइडेन स्टोरी के मामले को हल करने में तत्कालीन सरकार की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि, पूर्व अधिकारियों ने इससे साफ इनकार कर दिया कि इस निर्णय में तत्कालीन सरकार का कोई भी दखल था। 
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