मोदी सरकार ने 4 फरवरी को ट्विटर से 1178 अकाउंट को हटाने के लिए कहा था। इनका पाकिस्तानी और खालिस्तानी जुड़ाव पाया गया था तथा इनसे किसानों के प्रदर्शन को लेकर भड़काऊ सामग्री पोस्ट की जा रही थी। इनमें से 583 अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा अन्य 500 पर भ्रामक सामग्री फैलाने वाला मानकर कार्रवाई की। इनमें से कुछ अकाउंट को स्थायी तौर पर बंद भी किया गया है। सरकार ने पिछले महीने किसानों के आंदोलन के संबंध में ट्वीट को लेकर 257 अकाउंट पर रोक लगाने के लिए कहा था। इस पर ट्विटर ने कुछ घंटे के लिए रोक लगाकर फिर से इसे बहाल कर दिया था। इसके बाद सरकार ने आदेश का पालन नहीं होने का नोटिस जारी किया और कानूनी कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है।
सरकार का निर्देश भारतीय कानूनों के अनुरूप नहीं
ट्विटर ने बुधवार को ब्लॉग पोस्ट जारी कर कहा कि वह सरकार के कुछ आग्रहों को पूरा नहीं कर सकता है क्योंकि उसका मानना है कि यह भारतीय कानूनों के अनुरूप नहीं है। अपने यूजर्स के बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा को ध्यान में रखते हुए न्यूज मीडिया कंपनियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनेताओं के अकाउंट के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। साथ ही कहा कि यूजर्स की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए वह भारतीय कानूनों के तहत विकल्पों पर विचार कर रही है, जो ट्विटर व यूजर्स के अकाउंट को प्रभावित करते हैं।