अपने यहां रहने वाले उइगर मुस्लिमों के खिलाफ दमनकारी अभियान चलाने वाले चीन के खिलाफ माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में अमेरिका में चीन के दूतावास के अकाउंट पर पाबंदी लगाई गई है।
दरअसल, चीनी दूतावास ने सात जनवरी को किए गए एक ट्वीट में चीनी की सरकारी मीडिया चाइना डेली के हवाले से कहा था, चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर महिलाएं अब आजाद हैं और वे बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं हैं। दूतावास ने चीन सरकार की उइगर मुस्लिमों के खिलाफ चलाई गई नीतियों का बचाव किया था।
ट्विटर के एक प्रवक्ता ने कहा, हमने सात जनवरी को किए गए एक ट्वीट पर कार्रवाई की है, जिसमें अमानवीयता के खिलाफ हमारी नीति का उल्लंघन किया गया है। हम धर्म, जाति, उम्र, अयोग्यता, गंभीर बीमारी, राष्ट्रीय मूल, नस्ल या जातीय समूह पर आधारित लोगों के समूह को प्रतिबंधित करते हैं। सात जनवरी को किए गए इस ट्वीट को अब हटा लिया गया है।
उइगर महिलाओं की जबरन हो रही नसबंदी
रिपोर्टों के मुताबिक, चीन में उइगर मुस्लिम महिलाओं की जबरन नसबंदी और गर्भपात किए जा रहे हैं। 10 लाख से ज्यादा उइगर लोगों को हिरासत में रखा गया है। जिन जगहों पर उइगर मुस्लिमों को हिरासत में रखा है, उन्हें राजनीतिक पुनर्शिक्षा केंद्र कहा जाता है।
इसे दुनिया में जातीय अल्पसंख्यक आबादी के खिलाफ सबसे बड़ा सामूहिक उत्पीड़न माना जाता है। 2017 के बाद से 380 नए हिरासत केंद्र बनाए गए हैं।