भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी सीईआरटी-इन ने हाल ही में कई वैश्विक हस्तियों के अकाउंट में सेंधमारी की घटना पर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर को नोटिस जारी किया है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) ने ट्विटर से सेंधमारी का शिकार हुए भारतीय यूजर्स की संख्या बताने को कहा है।
साथ ही यह भी बताने को कहा गया कि इस घटना में किस तरह की सूचनाएं प्रभावित हुई हैं। सूत्रों ने बताया, सीईआरटी-इन ने ट्विटर से पूछा है कि कितने भारतीय यूजर्स ने इस दुर्भावनापूर्ण ट्वीट और लिंक पर विजिट किया। क्या प्रभावित यूजर्स को उनके प्रोफाइल में सेंध लगने के बारे में सूचित किया गया।
साथ ही पूछा है कि सेंधमारी की इस घटना से किस तरह लोग प्रभावित हुए हैं। हैकिंग के प्रभाव को कम करने के लिए कंपनी ने क्या सुधारात्मक कार्रवाई की। सीईआरटी-इन कई वैश्विक कारोबारियों, राजनेताओं, मशहूर हस्तियों के अकाउंट को हैक होने की खबरों के बाद से ही एक्शन में आ गई थी।
उत्तर कोरिया, रूस या चीन के नहीं थे हैकर
बताया जा रहा है कि हैकरों ने टाइम्स मैग्जीन के साथ हैकिंग के बारे में बात की। हैकिंग से पहले और उसके बाद के कई स्क्रीनशॉट और लॉग भी दिखाए। पता चला कि ये रूस, चीन या उत्तर कोरिया से नहीं थे। इनमें से एक ने कहा कि वह मां के साथ रहता है। रिपोर्टों ने इन चारों हैकर्स के सोशल मीडिया और क्रिप्टोकरंसी अकाउंट को सत्यापित भी किया। उनके अकाउंट बुधवार को हुई हैकिंग से इनकेे जुड़े होने की तरफ इशारा कर रहे हैं।
दो घंटे में लगाई 90 लाख की चपत
हैकरों ने हस्तियों के अकाउंट से मैसेज भेजा था कि हम आपकी मदद करना चाहते हैं। आप जितने डॉलर की वैल्यू के बिटकॉइन हमारे खाते में ट्रांसफर करेंगे, हम उसका दोगुना आपको लौटा देंगे। 30 मिनट के अंदर आप 1000 डॉलर की वैल्यू के बिटकॉइन भेजेंगे तो हम 2000 डॉलर के लौटा देंगे।
इस धोखाधड़ी का जब तक लोगों को पता चलता तब तक दो घंटे में ही 367 लोग करीब 1.20 लाख डॉलर (करीब 90 लाख रुपये) की वैल्यू के बिटकॉइन उस फर्जी खाते में भेज चुके थे, जिसका लिंक हैक किए गए अकाउंट के जरिए शेयर किया गया था।