तीन साल की कैद ने चेंग लेई की जिंदगी बदल दी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने चुप रहने के बजाय अपनी कहानी दुनिया तक पहुंचाने का फैसला किया।
चीन में गिरफ्तारी, 14 घंटे तक एक जगह बैठाने और बच्चों से दूर रहने का दर्द आज भी उनके साथ है। अब नाटक और किताब के जरिये वह अपने अनुभव बता रही हैं। पढ़िए रिपोर्ट
चीन दुनियाभर में अपनी सौम्य और अच्छी छवि दिखाने की कोशिश करता है लेकिन लोगों को उसके दिखावटी चेहरे पर भरोसा करने के बजाय हकीकत की गहराई से पड़ताल करनी चाहिए। चीन ऐसा देश है जो अपने नागरिकों और विदेश में रहने वाले प्रवासियों को दुश्मन के तौर पर देखता है। यह कहना है चीनी-ऑस्ट्रेलियाई एंकर चेंग लेई का, जिन्हें महज एक मैसेज भेजने के कारण तीन साल चीन की जेल में बिताने पड़े थे।
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चीन में जन्मीं और ऑस्ट्रेलिया में पली बढ़ी चेंग लेई को बिना किसी ठोस कारण 1,154 दिन तक जेल में अमानवीय यातनाएं सहनी पड़े। चेंग लेई को अक्तूबर 2023 में चीन की जेल से रिहा किया गया था और अब वह ऑस्ट्रेलिया में बतौर एंकर काम कर रही हैं। लेकिन जेल से बाहर आने का मतलब यह नहीं है कि उनका संघर्ष खत्म हो गया है। उनका मानना है कि कैद का असर उनके जीवन पर हमेशा रहेगा और एक तरह से यह सजा रिहाई के बाद भी जारी है। तमाम मानसिक आघातों के बावजूद, लेई अब स्कूबा डाइविंग, कॉमेडी और थिएटर के जरिये जिंदगी को सामान्य बनाने की कोशिश कर रही हैं। जेल में बताए अपने अनुभवों के आधार पर वह चीन की सच्चाई पर पूरी दुनिया को आगाह कर रही हैं।
गिरफ्तारी से पहले शानदार था करिअर
चेंग लेई ने करीब दो दशक तक चीन के आर्थिक विकास और उसकी बढ़ती ताकत को दुनिया के सामने एक रिपोर्टर के रूप में पेश करती रही हैं। चीन में वह सरकारी ब्रॉडकास्टर सीजीटीएन के लिए काम करती थीं। 13 अगस्त 2020 को अचानक उन्हें काम के बहाने बुलाया गया और सरकारी जानकारी विदेश में साझा करने के झूठे आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। चेंग लेई पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने ब्लूमबर्ग में काम करने वाले एक दोस्त को आठ शब्दों का एक टेक्स्ट मैसेज भेजा था, जिसमें जीडीपी और नौकरियों के लक्ष्यों का जिक्र था। आरोप था कि उन्होंने तय समय से पहले जानकारी लीक की।
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14 घंटे तक बिना हिले-डुले बैठाया
गिरफ्तारी के बाद छह महीनों तक उन्हें अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया। लगातार 14 घंटे बिना हिले-डुले बैठने को मजबूर किया जाता था, रोशनी 24 घंटे जली रहती थी और दो गार्ड हमेशा उनकी निगरानी करने के लिए तैनात रहते थे।
बच्चों से दूरी की असहनीय पीड़ा
बच्चे गिरफ्तारी के समय बहुत छोटे थे जो मेलबर्न में अपनी दादी के साथ रहे। वह कहती हैं, मुझे गुस्सा आता है कि अगर मुझे उठाया न गया होता, तो बच्चे आज जैसे हैं, उससे अलग होते।
चेंग लेई ने नाटक 1154 डेज में अभिनय कर गलत तरीके से हिरासत में लिए गए अन्य लोगों की मदद के लिए आवाज उठाती हैं। वह किताब ए मेमॉयर ऑफ फ्रीडम से भी चीन को बेनकाब कर रही हैं जो अगले माह चीनी भाषा मंदारिन में प्रकाशित होगी।