विमान हादसे की जांच के लिए लीबियाई अधिकारियों के साथ तुर्किये तालमेल बिठा रहा है। गौरतलब है कि तुर्किये पश्चिमी लीबिया की सरकार का मुख्य समर्थक रहा है, लेकिन उसने हाल ही में पूर्वी लीबिया की सरकार के साथ भी संबंध सुधारने के लिए भी कदम उठाए हैं।
तुर्किये ने विमान हादसे में लीबिया के सैन्य प्रमुख समेत आठ लोगों की मौत के मामले की जांच शुरू कर दी है। तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि विशेषज्ञों ने तुर्किये में हुई विमान दुर्घटना में बरामद ब्लैक बॉक्स की जांच शुरू कर दी है। यह जांच लीबियाई अधिकारियों के साथ मिलकर की जा रही है।
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पश्चिमी लीबिया के सैन्य प्रमुख जनरल मुहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद, चार अन्य सैन्य अधिकारियों और तीन चालक दल के सदस्यों को ले जा रहा निजी विमान मंगलवार को तुर्किये की राजधानी अंकारा से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी।
शुरुआती जांच में विमान हादसे की ये वजह आई सामने
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक लीबियाई अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना की वजह विमान में तकनीकी खराबी थी। अल-हद्दाद पश्चिमी लीबिया के शीर्ष सैन्य कमांडर थे और उन्होंने लीबिया की सेना को एकजुट करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से चल रहे प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तुर्किये और लीबिया, दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने के मकसद से अंकारा में रक्षा वार्ता आयोजित करने के बाद उच्च स्तरीय लीबियाई प्रतिनिधिमंडल लीबिया की राजधानी त्रिपोली लौट रहा था।
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तुर्किये के आंतरिक मंत्री अली येरलिकाया के अनुसार, मलबा 3 वर्ग किलोमीटर (एक वर्ग मील से अधिक) के इलाके में बिखरा हुआ था, जिससे बचाव कार्य जटिल हो गया। जहाज पर मारे गए लोगों के पांच परिवार सदस्यों सहित 22 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल जांच में सहायता करने के लिए बुधवार तड़के लीबिया से पहुंचा।
विद्रोह के बाद लीबिया के हुए दो टुकड़े
2011 में हुए विद्रोह के बाद लीबिया में अराजकता फैल गई, जिसने लंबे समय तक सत्ता में रहे तानाशाह मोअम्मर गद्दाफी को सत्ता से बेदखल कर दिया और उनकी हत्या कर दी। देश दो हिस्सों में बंट गया, पूर्व और पश्चिम में प्रतिद्वंद्वी प्रशासन बन गए, जिन्हें कई विद्रोही मिलिशिया और विभिन्न विदेशी सरकारों का समर्थन प्राप्त था।