तुर्किये की राजधानी अंकारा में नगरपालिका की तरफ से आयोजित 'कॉन्सर्ट' कार्यक्रमों में कथित भ्रष्टाचार की जांच के तहत मंगलवार को 13 लोगों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में पूर्व नगरपालिका कर्मी और निजी इवेंट कंपनियों के मालिक शामिल हैं। उन पर सार्वजनिक पद का दुरुपयोग और सार्वजनिक टेंडर में हेरफेर करने का आरोप है। अंकारा के मुख्य अभियोजक के दफ्तर के बयान के मुताबिक, "संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच जारी है।"
क्या है मामला?
इस पूरी जांच का केंद्र 2021 से 2024 तक आयोजित 32 कॉन्सर्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कार्यक्रमों के आयोजन की वजह से 15.4 करोड़ लीरा (लगभग 37 लाख अमेरिकी डॉलर) का वित्तीय नुकसान हुआ। यह जानकारी तुर्की के गृह मंत्रालय, वित्तीय अपराध जांच बोर्ड और कोर्ट ऑफ अकाउंट्स की रिपोर्ट्स में दी गई है।
बयान में कहा गया है कि यह मामला विपक्षी पार्टी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) द्वारा संचालित नगरपालिकाओं में भ्रष्टाचार की जांचों की एक शृंखला का हिस्सा है।
विपक्ष और सरकार के बीच शुरू हुआ विवाद
विपक्षी सीएचपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। इनका उद्देश्य राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन की सरकार द्वारा न्यायिक माध्यम से विपक्ष को कमजोर करना है। सीएचपी ने इस मुद्दे पर कहा, "सरकार का उद्देश्य विपक्ष को बदनाम करना है। ये जांचें केवल राजनीतिक प्रेरणा से चल रही हैं, न कि भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए।"
इससे उलट सरकार का कहना है कि तुर्किये का न्यायिक तंत्र आजाद है और यह जांच केवल भ्रष्टाचार की वास्तविक स्थिति को उजागर करने के लिए की जा रही है।
बड़े शहरों में विपक्ष की जीत से अर्दोआन चिंता में
सीएचपी ने पिछले साल के स्थानीय चुनावों में बड़ी जीत हासिल की थी। पार्टी ने इस्तांबुल और अंकारा जैसे बड़े शहरों में अपनी पकड़ बनाए रखी और उन क्षेत्रों में भी प्रगति की, जो पारंपरिक रूप से अर्दोआन की जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (AKP) के प्रभुत्व में थे।
इस जीत के बाद, विपक्षी नेताओं और सरकार के बीच तनाव बढ़ गया था। इस्तांबुल के मेयर इकराम इमामोग्लू को मार्च में गिरफ्तार किया गया था, जिसने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों शुरू हो गए थे।