तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ।
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तुर्की की सरकार ने पाकिस्तानियों के लिए अपनी वीजा नीति को और सख्त करने का फैसला किया है। दरअसल, कुछ ही दिनों पहले तुर्की के इस्तांबुल में चार नेपालियों का अपहरण हुआ है। इस किडनैपिंग में कुछ पाकिस्तानी नागरिकों का हाथ होने की बात सामने आई थी। इसके बाद ही तुर्की ने यह फैसला किया है।
गौरतलब है कि तुर्की के इस्तांबुल, अंकारा और कई अन्य बड़े शहरों में इस वक्त बड़ी संख्या में पाकिस्तानी रोजगार के लिए रह रहे हैं। इसके अलावा हर महीने बड़ी संख्या में पाकिस्तानी पर्यटन के लिए भी तुर्की पहुंचते हैं। ऐसे में तुर्की की रजब तैयब अर्दोआन सरकार का यह फैसला पाकिस्तान के लिए नई मुसीबतें पैदा कर सकता है।
तुर्की ने अस्थायी निवास की इजाजत भी रोकी
अर्दोआन सरकार ने पाकिस्तानियों के लिए जारी होने वाली अस्थायी निवास परमिट को भी रोकने का फैसला किया है। तुर्की के आज न्यूज के मुताबिक, कुछ दिनों पहले ही छह पाकिस्तानियों ने इस्तांबुल के तक्सिम स्कवेर के पास से चार नेपालियों को किडनैप किया था और उन्हें जबरदस्त रूप से प्रताड़ित किया। अपहरणकर्ताओं ने उन्हें छोड़ने के बदले 10 हजार रुपये की फिरौत की भी मांग रखी थी। हालांकि, तुर्की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
इस घटना के बाद तुर्की पुलिस ने अभियान चलाते हुए आपराधिक घटनाओं में संलिप्त पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी शुरू की थी। इनमें पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सत्ता से हटाए जाने का विरोध करने वाले कुछ पाकिस्तानी शामिल थे। हालांकि, बाद में पाकिस्तानी राजनयिकों के दखल के बाद उन्हें दूतावास के हवाले कर दिया गया था।