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Turkiye Quakes: तुर्किये में विनाशकारी भूकंप के बाद तबाही जैसे हालात, पढ़ें छह फरवरी से अब तक क्या-क्या हुआ

तुर्किये और सीरिया में भूकंप के कहर से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों में शक्तिशाली भूकंपों के कारण अब तक 15,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। वहीं करीब 50 हजार से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा नुकसान तुर्किये में हुआ है, यहां 10 प्रभावित प्रांतों में 12,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग 63,000 लोग घायल हुए हैं। तुर्किये में भूकंप के बाद अब तक क्या-क्या हुआ? आइये जानते हैं...
 
  • छह फरवरी: भूकंप ने दस्तक दी
    छह फरवरी को स्थानीय समयानुसार सुबह 4.17 बजे दक्षिणी तुर्किये के गाजियानतेप शहर के पास 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके झटके सीरिया, लेबनान, साइप्रस और इराक के प्रांतों में महसूस किए गए। सीरिया में क्षतिग्रस्त इमारतों के ढहने की खबरें आईं। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि गाजियानतेप में 70 लोगों की मौत हुई। स्थानीय समयानुसार सुबह 4.28 बजे 6.7 तीव्रता के भूकंप के बाद पहले झटके महसूस किए गए। अमेरिका ने भूकंप की खबरों पर चिंता व्यक्ति की और राष्ट्रपति बाइडेन ने प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए निर्देश दिए। सुबह 9 बजे राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने दक्षिणी प्रांतों के राज्यपालों के साथ एक आपात बैठक बुलाई गई। उधर आपातकालीन कर्मियों को सहायता के लिए तैयार किया गया। शाम 5 बजे अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने शुरुआती भूकंप के 120 से अधिक झटके रिकॉर्ड किए।
     
  • सात फरवरी: जारी रहे भूकंप के झटके 
    सात फरवरी को सुबह 8 बजे फिर 5.6 तीव्रता के भूकंप सहित और झटके महसूस किए गए। सुबह 11 बजे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी कि मरने वालों की संख्या 20,000 तक पहुंच सकती है। दोपहर 1:00 बजे तुर्किये के उप राष्ट्रपति फिएट ओकटे ने बताया कि मरने वालों की संख्या 3,419 हो गई है।

    दोपहर 3 बजे यूनेस्को ने घोषणा की कि वह दो विश्व धरोहर स्थलों में सहायता भेजने की तैयारी कर रहा है। शाम 4 बजे एर्दोगन ने मंगलवार को भूकंप से तबाह हुए 10 प्रांतों में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी और इसे तीन महीने के लिए लागू कर दिया। इससे उनके मंत्रिमंडल को नए कानूनों को लागू करने और अधिकारों और स्वतंत्रता को सीमित करने या निलंबित करने की अनुमति मिली।

    रात 9 बजे संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादी मामलों के अवर सचिव जनरल मार्टिन ग्रिफिथ्स ने बताया किया कि उन्होंने भूकंप के पीड़ितों के लिए अपने केंद्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष से 25 मिलियन डॉलर जारी किए हैं। रात 10 बजे संयुक्त राष्ट्र ने जानकारी दी कि तुर्की में लगभग 6,000 इमारतें क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हुईं हैं, वहीं कम से कम 250,000 लोगों के बेघर होने का अनुमान जताया।
     
  • आठ फरवरी: भारत के बाद रूस, चीन भी मदद के लिए आगे आए
    आठ फरवरी को दोपहर में तुर्किये की आपदा और आपातकालीन सेवा ने बताया कि देश में 6,957 लोग मारे गए और 38,224 घायल हुए हैं। शुरुआती भूकंप के बाद से 648 झटके दर्ज किए गए। दोपहर 1 बजे अमेरिका ने कैलिफोर्निया के 100 अग्निशामकों को भेजकर समर्थन का हाथ बढ़ाया। वहीं रूस, चीन, भारत, मैक्सिको समेत कई देशों के हजारों विशेषज्ञ राहत और बचाव कार्य में शामिल हुए। हालांकि, खराब मौसम के कारण कई बचाव दलों को बड़ी चुनौती झेलनी पड़ी। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, AFAD ने बताया कि घायलों की संख्या बढ़कर 37,011 हो गई। 24 वर्षीय शिक्षिका मेसुदे अकार 49 घंटे तक मलबे में फंसी रही, इससे पहले बचाव दल हटे में उसके पास पहुंचने में कामयाब रहे। तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। शहरीकरण मंत्री मूरत कुरुम ने जानकारी दी कि 12,000 सहायता स्वयंसेवकों को गजियानतेप में तैनात किया गया। अदियामन में एक बच्चा 36 घंटे तक मलबे में जिंदा रहा, जिसे कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला लिया। 

    आपातकालीन अधिकारियों ने भूकंप को स्तर चार आपदा के रूप में घोषित किया। इसका मतलब है कि देश, स्थिति सामान्य होने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता का अनुरोध कर सकता है। राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहारनमारस में घोषणा कि पीड़ित एंटाल्या, अलान्या और मेर्सिन में अनुबंधित होटलों में रह सकते हैं और प्रारंभ में, प्रत्येक प्रभावित परिवार को 531 डॉलर दिए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री फहार्टिन कोका के मुताबिक, प्रभावित 10 प्रांतों में अब तक 77 फील्ड अस्पताल स्थापित किए जा चुके हैं। 
  • नौ फरवरी : मरने वालों का आंकड़ा 15 हजार के पार 
    नौ फरवरी को संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने शोक संदेश देने के लिए न्यूयॉर्क में तुर्की मिशन का दौरा किया और भूकंप के पीड़ितों की मदद के लिए वैश्विक समुदाय का आव्हान किया। उधर 72 घंटे का महत्वपूर्ण समय खत्म होने के बावजूद बचाव अभियान अभी भी जारी है। कहारनमारस प्रांत में खाद्य और चिकित्सा सामग्री भेजी जा रही है और सैकड़ों किलोमीटर से स्वयंसेवक प्रभावितों की मदद के लिए आ रहे हैं। देश के शासकीय समाचार स्त्रोत टीआरटी के मुताबिक, भूकंप के कारण तुर्किये में कम से कम 12,873 लोगों की जान चली गई और 62,937 लोग घायल हुए हैं। इसमें सीरिया का आंकड़ा जोड़ दे तो मरने वालों को आंकड़ा 15 हजार के पार पहुंच गया।