कुर्द लड़ाकों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयब एर्दोगन ने फिर से सीरिया में बम बरसाने की धमकी दी है। एर्दोगन ने मंगलवार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सीरिया से कुर्द लड़ाके तय समयसीमा में नहीं हटते हैं, तो वे फिर से सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।
रूस रवाना होने से पहले अंकारा एयरपोर्ट पर उन्होंने कहा कि हमारे पास कुर्द लड़ाकों की मौजूदगी को खत्म करने पर वार्ता करने का मौका है। मंगलवार बाद में एर्दोगन रूस पहुंच गए, जहां उनका स्वागत पुतिन ने किया।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खतरनाक होते सीरिया में अपने एक भी सैनिक को छोड़ने की संभावना को खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के बाद ट्रंप ने सोमवार को कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इसकी जरूरत है। मैं एक भी जवान को वहां छोड़ना नहीं चाहता। वह बहुत ही खतरनाक क्षेत्र है।'
अमेरिका ने कुर्दिश लड़ाकों का साथ छोड़ दिया था। इसके बाद नए समझौते के तहत कुर्द लड़ाकों ने दमास्कस में अपनी शत्रु सीरिया सरकार से हाथ मिला लिया। सीरिया सरकार को रूस का समर्थन है। अमेरिकी सेना के कुर्द इलाकों को छोड़ने के बाद तुर्की के हमलों से बचाव के लिए कुर्द लड़ाकों को यह फैसला करना पड़ा। अब सीरियाई सेना कुर्दों की मदद को तुर्की के खिलाफ जंग में कूद पड़ी है।