वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास हुई ताजा गोलीबारी के बाद ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति आवास परिसर में बनाए जा रहे नए बॉलरूम प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद जरूरी कदम बताया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत में दाखिल दस्तावेज में कहा कि 23 मई की रात हुई घटना ने यह साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनके परिवार और स्टाफ की सुरक्षा के लिए हाईटेक और मजबूत सुरक्षा ढांचे की जरूरत है। प्रशासन ने अदालत से बॉलरूम निर्माण के खिलाफ चल रहे मामले को खत्म करने की मांग की है। सरकार का कहना है कि यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि व्हाइट हाउस सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
आखिर व्हाइट हाउस के पास क्या हुआ था?
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार 23 मई की रात व्हाइट हाउस परिसर के पास एक हथियारबंद हमलावर पहुंच गया था। सीक्रेट सर्विस ने कार्रवाई करते हुए हमलावर को मार गिराया। यह मई महीने में दूसरी बड़ी सुरक्षा घटना थी। इससे पहले 25 अप्रैल को व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान भी गोलीबारी हुई थी, जहां राष्ट्रपति ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद थे।
न्याय विभाग ने अदालत में कहा कि लगातार हो रहे हमले यह दिखाते हैं कि व्हाइट हाउस परिसर को और ज्यादा सुरक्षित बनाने की जरूरत है। इसी वजह से ईस्ट विंग प्रोजेक्ट के तहत नया बॉलरूम बनाया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इस भवन के जरिए राष्ट्रपति सुरक्षित माहौल में संवैधानिक जिम्मेदारियां निभा सकेंगे।
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बॉलरूम में कैसी हाईटेक सुरक्षा होगी?
सरकार ने अदालत में पहली बार बॉलरूम की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई अहम जानकारियां दीं। दस्तावेज के अनुसार बॉलरूम में भारी स्टील की छत लगाई जाएगी, जो ड्रोन हमलों को रोक सकेगी। इमारत में मिसाइल रोधी और ड्रोन प्रूफ खंभे लगाए जाएंगे। इसके अलावा बुलेटप्रूफ, ब्लास्टप्रूफ और बैलिस्टिक ग्लास का इस्तेमाल होगा। एयर कंडीशनिंग और वेंटिलेशन सिस्टम भी सैन्य स्तर का होगा।
सरकार ने कहा कि इमारत की छत पर ड्रोन पोर्ट बनाया जाएगा और स्नाइपर्स की तैनाती के लिए विशेष जगह होगी। यह पूरी वॉशिंगटन डीसी की सुरक्षा में मदद करेगा। दस्तावेज में यह भी कहा गया कि इमारत को पूरी तरह सील रखा जाएगा ताकि जहरीली गैस या बाहरी खतरे अंदर न पहुंच सकें।
अदालत में मामला क्यों पहुंचा?
व्हाइट हाउस परिसर में बनने वाले इस बॉलरूम का विरोध नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन नाम की संस्था कर रही है। संस्था का कहना है कि इससे ऐतिहासिक परिसर की मूल पहचान प्रभावित होगी। मार्च में जिला अदालत के जज रिचर्ड लियोन ने निर्माण पर रोक लगाने का आदेश दिया था। हालांकि अपील अदालत ने फिलहाल उस रोक को स्थगित कर दिया, जिससे निर्माण कार्य जारी है।
अब पांच जून को अपील अदालत में इस मामले पर सुनवाई होगी। तीन जजों की पीठ यह तय करेगी कि बॉलरूम का निर्माण जारी रहेगा या नहीं। न्याय विभाग ने अदालत से कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए इस परियोजना को रोकना देश के लिए नुकसानदायक होगा।
ट्रंप प्रशासन ने अदालत से क्या कहा?
एसोसिएट अटॉर्नी जनरल स्टेनली वुडवर्ड ने अदालत में दायर दस्तावेज में मुकदमे को “देश के लिए शर्मनाक” बताया। उन्होंने कहा कि सरकार आमतौर पर व्हाइट हाउस की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं करती, लेकिन अदालत के आदेश से बचने के लिए उसे ऐसा करना पड़ा।
प्रशासन का कहना है कि मौजूदा हालात में राष्ट्रपति की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ट्रंप प्रशासन ने साफ किया कि हाल की घटनाओं ने सुरक्षा जोखिम बढ़ा दिए हैं और ऐसे में बॉलरूम परियोजना को रोकना सही नहीं होगा। अब पूरी नजर अदालत के फैसले पर टिकी है, जो व्हाइट हाउस की भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था तय कर सकता है।