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US-China Trade: ट्रंप और शी की जल्द मुलाकात तय, अमेरिका-चीन ट्रेड वार के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री ने की पुष्टि

Thu, 16 Oct 2025 06:42 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। यह बैठक APEC सम्मेलन में हो सकती है। दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार तनाव के बीच यह मुलाकात अहम मानी जा रही है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : ANI/PTI
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विस्तार
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अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापारिक तनाव के बीच एक बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से जल्द मुलाकात तय है। उन्होंने बताया कि यह बैठक संभवतः इस महीने होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) सम्मेलन के दौरान होगी। बेसेंट ने कहा कि ट्रंप इस बैठक के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दोनों नेताओं के बीच बहुत अच्छा रिश्ता है और बातचीत जारी है।

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दोनों देशों के बीच चल रही है उच्च-स्तरीय बातचीत
बेसेंट ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच इस समय उच्च स्तर पर संवाद जारी है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष IMF और वर्ल्ड बैंक की वार्षिक बैठकों के दौरान भी कार्य-स्तरीय चर्चाएं कर रहे हैं। उन्होंने कहा मैं चीन के साथ चल रही चर्चाओं को लेकर आशावादी हूं। हम कई स्तरों पर संवाद बढ़ा रहे हैं।

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व्यापार तनाव के बीच ट्रंप का सख्त रुख
यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच ट्रेड वार फिर से गर्म हो गया है। हाल ही में चीन ने दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर नियंत्रण लगाया था, जिसके बाद ट्रंप ने बैठक रद्द करने की धमकी दी थी। इसके जवाब में व्हाइट हाउस ने चीन के खिलाफ नए टैरिफ पैकेज की घोषणा की। ट्रंप ने चीनी आयात पर 100% अतिरिक्त शुल्क लगाने का ऐलान करते हुए कहा था कि अब चीन को हमारे बाजारों में अनुचित लाभ नहीं मिलेगा।

‘ट्रंप-शी बैठक’ से मिल सकता है राहत का रास्ता
विश्लेषकों का मानना है कि APEC सम्मेलन में होने वाली यह मुलाकात व्यापार तनाव कम करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है। दोनों देशों के बीच संवाद बहाल होना, वैश्विक बाजारों में स्थिरता का संकेत दे सकता है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन के नए 100% अतिरिक्त शुल्क और सॉफ्टवेयर निर्यात नियंत्रण के फैसले के बाद माहौल अभी भी तनावपूर्ण है।

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चीन ने कहा- अमेरिका का रुख ‘शत्रुतापूर्ण’ और ‘दोहरे मानक वाला’
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका के इस कदम पर नाराजगी जताई। मंत्रालय ने कहा कि उच्च टैरिफ की धमकी देना चीन से निपटने का सही तरीका नहीं है। बीजिंग ने चेतावनी दी कि वह ट्रेड वॉर नहीं चाहता, लेकिन जरूरत पड़ी तो पीछे नहीं हटेगा। चीनी मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका को संवाद और समानता के आधार पर मतभेदों का समाधान करना चाहिए।

‘राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर पाबंदी लगाना अमेरिका की आदत बन गई है’
चीन ने अमेरिका पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। सरकार ने कहा कि अमेरिका ने “राष्ट्रीय सुरक्षा” के नाम पर हजारों चीनी कंपनियों पर एकतरफा पाबंदियां लगाई हैं और अब चीन के सामान्य निर्यात नियंत्रण को राजनीतिक रंग दे रहा है। बीजिंग ने कहा संयुक्त राज्य अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियमों का बार-बार उल्लंघन किया है, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को नुकसान पहुंचा है।

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