फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रंप की सऊदी अरब को सलाह: हूती विद्रोहियों के खिलाफ इस्राइल की मदद ले रियाद, अब्राहम समझौते पर क्या संकेत?

Sat, 17 Oct 2026 07:24 AM IST
शिवम गर्ग एएनआई, वॉशिंगटन

सार

हूती विद्रोहियों के खिलाफ जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब को इस्राइल की मदद स्वीकार करने का सुझाव दिया है। उन्होंने अब्राहम समझौते में रियाद के शामिल होने की संभावना भी जताई। यमन में हमलों और मिसाइलों को रोकने के दावों के बीच क्षेत्रीय तनाव किस दिशा में जाएगा? आइए, जानते हैं...
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : Amar Ujala Graphics
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों के खिलाफ इस्राइल की मदद स्वीकार करने का सुझाव दिया है। उन्होंने इस्राइल के समर्थन को सऊदी अरब के लिए काफी मददगार बताया। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप के इस बयान से सऊदी अरब और इस्राइल के संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
विज्ञापन


व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों के खिलाफ इस्राइल की मदद स्वीकार करनी चाहिए। इस पर उन्होंने सहमति जताते हुए कहा कि इस्राइल सऊदी अरब के लिए काफी मददगार रहा है।

अब्राहम समझौते में शामिल हो सकता है सऊदी अरब?
ट्रंप ने सऊदी अरब और इस्राइल के बीच संबंध सामान्य करने की संभावना पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के अब्राहम समझौते में शामिल होने की संभावना पहले से अधिक हो सकती है। वर्ष 2020 में शुरू हुए इन समझौतों का उद्देश्य इस्राइल और कई अरब देशों के बीच संबंध सामान्य करना था।
विज्ञापन


इस्राइल और सऊदी अरब के बीच संबंध सामान्य करने को लेकर 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले से पहले बातचीत आगे बढ़ रही थी। हालांकि, सऊदी अरब लगातार कहता रहा है कि इस्राइल के साथ संबंध सामान्य करने के लिए फलस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र बनाने की दिशा में स्पष्ट रास्ता होना चाहिए।

इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को इस्राइली मीडिया से बातचीत में कहा था कि पश्चिम एशिया के बहुत कम देश ऐसे हैं, जो इस्राइल से मदद नहीं मांग रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्षेत्र में सुरक्षा और सैन्य तनाव बढ़ा हुआ है।

ईरान ने हूती हमलों में भूमिका से किया इनकार
ईरान ने सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों में अपनी भूमिका होने के आरोपों को खारिज किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि यदि संबंधित पक्ष अनुरोध करें, तो तेहरान विवाद खत्म करने के लिए अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल करने को तैयार है।

बघाई के मुताबिक, यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष का समाधान बाहरी हस्तक्षेप और नाकेबंदी नहीं है। उन्होंने यमन की संप्रभुता का सम्मान करने, हस्तक्षेप रोकने और हवाई व समुद्री नाकेबंदी समाप्त करने की मांग की। ईरान ने कहा कि वह सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन कर सकता है।

अदन हवाई अड्डे के पास मिसाइल गिरने का दावा
यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने शुक्रवार को हूती विद्रोहियों पर अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाने का आरोप लगाया। यमन के सूचना मंत्री मुअम्मर अल-इरयानी के अनुसार, दो मिसाइलें यमनिया एयरलाइंस के एक विमान के पास गिरीं, जो काहिरा के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था।

इस बीच, सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया। इसमें संभावित हमलों, हवाई क्षेत्र बंद होने, उड़ानें रद्द होने और यात्रा में बाधाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई। नागरिकों से उड़ान की स्थिति सीधे एयरलाइंस और हवाई अड्डों से जांचने तथा सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग के निर्देशों का पालन करने को कहा गया।

सऊदी अरब पर हमलों और जवाबी कार्रवाई के दावे
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन के कई इलाकों में 101 हवाई और मिसाइल हमले किए। उनके अनुसार, इन हमलों में नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया और आम नागरिकों के मारे जाने व घायल होने की घटनाएं हुईं। ये दावे हूती प्रवक्ता की ओर से किए गए हैं।

दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि गठबंधन ने यानबू की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल, लाल सागर के ऊपर दो क्रूज मिसाइलों और सऊदी अरब में तीन ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। क्षेत्र में लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों से सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे और अहम समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें