अमेरिका में आम चुनाव में हार के बाद इलेक्टोरल कॉलेज, अदालत और अपनी ही पार्टी में विरोध का सामना कर रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने बुधवार को पूरी संसद को बंधक बना लिया। इसके चलते पूरे शहर में अफरा-तफरी मची रही। ट्रंप के समर्थकों ने उपराष्ट्रपति माइक पेंस और उनके अधिकारियों को भी अंदर जाने से रोक दिया। इस बीच, वाशिंगटन की मेयर ने शहर में 15 दिन तक आपातकाल बढ़ा दिया।
अमेरिका में हुए इस हिंसक उपद्रव से पूरी दुनिया में अमेरिकी लोकतंत्र शर्मसार हुआ है। अमेरिकी संसद की इमारत (कैपिटल हिल) के आसपास जब पूरे इलाके को खाली कराया गया तब ट्रंप समर्थकों के पास से बंदूकों के अलावा संदिग्ध विस्फोटक डिवाइसें भी मिलीं जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया। दंगाई लोग प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी के कार्यालय में भी पहुंचे और तोड़फोड़ की। ट्रंप की ही पार्टी के नेता और देश के उपराष्ट्रपति जब इमारत में घुसने की कोशिश करने लगे तब भवन को बंधक बनाए उपद्रवियों ने उन्हें और उनके अधिकारियों को रोक दिया। बाद में पुलिस दखल के बाद वे अंदर गए। बिगड़ते हालात के बीच वाशिंगटन की मेयर मुरियल बाउजर ने 15 दिनों तक आपातकाल बढ़ाने का एलान कर दिया।
वायुसेना के विमानों ने भरी उड़ान
देश में मंडराते हुए संकट को देखते हुए अमेरिकी वायुसेना भी हरकत में आ गई और नाइटवॉच विमान ई-4बी ने हवाई उड़ान भी भरी। इस अत्याधुनिक विमान में हजारों परमाणु बम नियंत्रित करने की क्षमता है।
अब भी जमे प्रदर्शनकारी
कैपिटल हिल पर हुए हंगामे को देखते हुए अमेरिका की राजधानी में कर्फ्यू लगा दिया गया है। लेकिन इसके बावजूद वहां पर प्रदर्शनकारी जमे हुए हैं और कई बार कर्फ्यू का उल्लंघन करके सड़कों पर आए। पुलिस प्रमुख रॉबर्ट कोंटे ने कहा कि सभी गिरफ्तार लोग वाशिंगटन के उपनगरों और निकटवर्ती राज्यों से यहां पहुंचे थे। पुलिस ने मृतकों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। हिंसक झड़प में 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
नीले झंडों के साथ पहुंचे ट्रंप के समर्थक
अमेरिका में नए राष्ट्रपति के नाम के औपचारिक एलान से पहले ही अमेरिकी संसद भवन के सामने हजारों ट्रंप समर्थकों ने नतीजे रद्द करने की मांग की। चुनाव में धांधली के आरोप लगाते हुए ये लोग लाल टोपी और नीले कपड़ों में यहां पहुंचे। उनके हाथों में नीले रंग के बैनर भी था जिनमें अमेरिका को महान बनाने वाले नारे लिखे थे। पुलिस ने जब इन समर्थकों को रोकने की कोशिश की तो लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई के सिर फूट गए और गोलियां भी चलीं। कुछ लोग रिपब्लिकन पार्टी के झंडे की ड्रेस पहन अस्थायी ढांचे पर भी चढ़े। इस तरह कैपिटल हिल पर हजारों लोग चढ़े और अंदर खिड़कियों के शीशे भी तोड़े।
रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने ही किया ट्रंप का विरोध
वाशिंगटन में हुई शर्मसार करने वाली घटना को लेकर ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के ही सांसदों ने उनका विरोध कर दिया। यहां तक कि इस घटना के बाद देश के राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकार मैट पोटिंगर, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ स्टेफानी ग्रीशम, व्हाइट हाउस की प्रेस उप सचिव सारा मैथ्यूज ने इस्तीफा दे दिया। रिपब्लिकन नेताओं ने ट्रंप की आलोचना भी की।
अमेरिकी राजधानी में ट्रंप समर्थकों की हिंसा के बाद सारा मैथ्यूज ने इस्तीफे के बाद कहा, संसद में काम करने वाले कर्मी के रूप में मैंने आज जो देखा, उससे बेहद दुखी हूं। मैं अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे रही हूं। हमारे देश को शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता हस्तांतरण की जरूरत है। ग्रीशम ने कहा, व्हाइट हाउस में सेवा देना उनके लिए सम्मानजनक रहा। ‘एबीसी’ न्यूज की खबर के मुताबिक व्हाइट हाउस की सामाजिक सचिव रिकी निसेटा ने भी ट्रंप समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी दोस्त और देश के उपराष्ट्रपति ने यहां तक कहा कि आज जिन्होंने यहां उत्पात मचाया है, वे जीते नहीं हैं। सीनेट में रिपब्लिकन नेता मिच मैककॉनेल ने हमले को असफल विद्रोह कहा और वादा किया कि ‘हम अराजकता या अपमान के आगे नहीं झुकेंगे।’ बाइडन को कांग्रेस में प्रमाण पत्र देने पर आपत्ति जताने वाले रिपब्लिकन सीनेटर केली लोफलर ने भी कहा कि दोपहर में हुई घटना के बाद उन्होंने अपना विचार बदल दिया है। अब वे बाइडन का विरोध नहीं करेंगे।