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AI सुरक्षा पर ट्रंप का बड़ा कदम: उन्नत मॉडल की जांच के दिए आदेश; राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों की होगी समीक्षा

Wed, 03 Jun 2026 04:08 AM IST
Pavan पीटीआई, वॉशिंगटन

सार

इससे पहले मई में ट्रंप ने इसी तरह के एक प्रस्तावित आदेश पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि अमेरिका एआई तकनीक में चीन सहित दुनिया के अन्य देशों से आगे है और वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहते जो इस बढ़त को कमजोर करे।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों की निगरानी के लिए एक नया कार्यकारी आदेश (एग्जीक्यूटिव ऑर्डर) जारी किया है। इस आदेश के तहत सरकार को सबसे उन्नत एआई मॉडलों की सार्वजनिक रिलीज से पहले उनकी सुरक्षा संबंधी समीक्षा करने का अधिकार मिलेगा।
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क्या है ट्रंप का नया आदेश?
नए आदेश के अनुसार, एआई विकसित करने वाली कंपनियां स्वेच्छा से अपने अत्याधुनिक एआई सिस्टम सरकार के साथ साझा कर सकती हैं ताकि उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से जांच की जा सके। सरकार को किसी भी एआई मॉडल की समीक्षा के लिए अधिकतम 30 दिनों का समय मिलेगा। माना जा रहा है कि यह अवधि तकनीकी उद्योग की मांगों को ध्यान में रखकर तय की गई है ताकि नवाचार और प्रतिस्पर्धा प्रभावित न हो।

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नई व्यवस्था का क्या है उद्देश्य?
व्हाइट हाउस ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य अत्याधुनिक साइबर और एआई मॉडलों के बारे में जानकारी साझा करके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा बढ़ाना और सरकार की साइबर सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह सभी नए एआई मॉडलों की निगरानी नहीं है, क्योंकि अत्यधिक सरकारी हस्तक्षेप नवाचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

ओपनएआई, गूगल और एंथ्रोपिक होंगी शामिल
प्रस्तावित व्यवस्था में प्रमुख अमेरिकी एआई कंपनियों जैसे ओपनएआई, गूगल और एंथ्रोपिक की भागीदारी की बात कही गई थी। ये कंपनियां दुनिया के सबसे उन्नत एआई मॉडल विकसित कर रही हैं। हालांकि, इस नीति को लेकर कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं। अमेरिकी थिंक टैंक कैटो इंस्टीट्यूट के नीति विश्लेषक जुआन लोंडोनो ने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया, लेकिन उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि किन एआई मॉडलों को जांच के लिए चुना जाएगा और किन संस्थाओं को उनकी प्रारंभिक पहुंच मिलेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया में अत्यधिक सरकारी विवेक भविष्य में दुरुपयोग की आशंका पैदा कर सकता है।

'क्लॉउड मिथोस' के आने से AI सुरक्षा पर बहस हुई तेज
एआई सुरक्षा को लेकर बहस उस समय और तेज हो गई थी जब एंथ्रोपिक ने अप्रैल में अपना सबसे उन्नत एआई मॉडल 'क्लॉउड मिथोस' पेश किया था। कंपनी का दावा था कि यह मॉडल साइबर सुरक्षा खामियों की पहचान करने में बेहद सक्षम है। इसके बाद अमेरिकी वित्त मंत्रालय और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने वॉल स्ट्रीट के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित साइबर सुरक्षा जोखिमों पर चर्चा की थी।
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ओपनएआई ने ट्रंप प्रशासन के फैसले का किया स्वागत
इस बीच, ओपनएआई ने ट्रंप प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि एआई सुरक्षा के लिए प्रभावी नियम लोकतांत्रिक संस्थाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न हितधारकों की भागीदारी से तैयार किए जाने चाहिए ताकि जवाबदेही और जनता का भरोसा बना रहे। गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने मौजूदा कार्यकाल की शुरुआत में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा एआई पर लगाए गए कई सुरक्षा नियमों को रद्द कर दिया था। अब उनका नया आदेश एआई विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
 
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