अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि हमास को रविवार शाम 6 बजे तक गाजा के लिए प्रस्तावित शांति समझौते पर सहमति देनी होगी, अन्यथा उस पर और अधिक हमले किए जाएंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, हमास के साथ समझौता रविवार शाम 6 बजे तक होना चाहिए। हर देश इस समझौते पर सहमत हो चुका है। यदि यह समझौता नहीं होता, तो हमास के खिलाफ ऐसी तबाही होगी जैसी पहले कभी नहीं देखी गई। पश्चिम-एशिया में शांति होगी, किसी भी हाल में।
इस शांति योजना को ट्रंप ने इस सप्ताह इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर पेश किया था। ट्रंप ने कहा कि यह आखिरी मौका है और अगर हमास समझौते में शामिल नहीं होता, तो अमेरिका और उसके सहयोगी संगठन बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई करेंगे। समझौते का उद्देश्य गाजा में युद्ध को रोकना और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है। ट्रंप ने इस योजना को 'लास्ट चांस एग्रीमेंट' कहा और जोर दिया कि सभी देश पहले ही इस समझौते पर सहमत हैं। विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप का यह कदम हमास और अन्य पश्चिम-एशिया समूहों पर दबाव डालने के लिए लिया गया है ताकि संघर्ष जल्द खत्म हो और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हालांकि, हमास ने अभी तक इस समझौते पर प्रतिक्रिया नहीं दी है।
क्या है गाजा में संघर्ष को रोकने की ट्रंप की 20 सूत्रीय योजना?
1. गाजा को आतंक मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा, ताकि वह पड़ोसी देशों के लिए कोई खतरा न बने।
2. गाजा का पुनर्निर्माण और विकास कार्य शुरू होगा, जिससे वहां के लोगों का जीवन बेहतर हो।
3. जैसे ही दोनों पक्ष इस योजना को स्वीकार करेंगे, इस्राइल तुरंत सैन्य अभियान रोक देगा और चरणबद्ध तरीके से गाजा से सेना हटाएगा।
4. इस्राइल के सार्वजनिक रूप से योजना स्वीकार करने के 72 घंटे के भीतर सभी बंधकों को रिहा किया जाएगा।
5. बंधकों की रिहाई के बाद इस्राइल अपने यहां आजीवन कारावास की सजा पाए 250 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। इसके अलावा 7 अक्तूबर 2023 में हमास के हमले के बाद हिरासत में लिए गए 1700 गाजावासियों की भी रिहाई होगी। इसके अलावा हर एक इस्राइली बंधक के शव के बदले इस्राइल को गाजा के 15 कैदियों के शव लौटाने होंगे।
6. जो हमास सदस्य शांतिपूर्वक साथ रहने की शपथ लेंगे, उन्हें माफी दी जाएगी। जो बाहर जाना चाहेंगे, उन्हें सुरक्षित रास्ता और किसी इच्छुक देश में बसने की सुविधा मिलेगी।
7. समझौते के बाद मानवीय सहायता गाजा में बड़े पैमाने पर भेजी जाएगी। रोजाना कम से कम 600 ट्रक राहत सामग्री पहुंचेंगे।
8. सहायता सामग्री का वितरण संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रिसेंट जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की तरफ से किया जाएगा।
9. गाजा का प्रशासन फलस्तीनी तकनीकी विशेषज्ञों के हाथों में होगा, जिसे एक अंतरराष्ट्रीय समिति की निगरानी में चलाया जाएगा। इसका नेतृत्व डोनाल्ड ट्रंप खुद करेंगे। ब्रिटेन के पूर्व पीएम टोनी ब्लेयर इसमें उनका साथ देंगे।
10. गाजा के लिए एक आर्थिक पुनर्निर्माण योजना बनाई जाएगी, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर पैदा हों। इसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं आगे बढ़ाएंगी।
11. गाजा में विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित होगा, जहां करों में छूट और व्यापारिक सुविधाएं दी जाएंगी।
12. किसी भी निवासी को गाजा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। जो बाहर जाएंगे, उन्हें वापस लौटने का अधिकार होगा।
13. गाजा की शासन व्यवस्था में हमास को कोई भूमिका नहीं मिलेगी और सभी आतंकी सुरंगें व सैन्य ढांचे नष्ट किए जाएंगे।
क्षेत्रीय देश यह सुनिश्चित करेंगे कि हमास और अन्य समूह समझौते का पालन करें।
14. अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की मदद से अस्थायी सुरक्षा बल गाजा में तैनात होंगे। ये सुरक्षा और स्थानीय पुलिस को प्रशिक्षण देंगे।
15. इस्राइल न तो गाजा का विलय करेगा और न ही स्थायी कब्जा।
16. अगर हमास प्रस्ताव को मानने में देरी करता है, तो पहले आतंक-मुक्त क्षेत्रों में यह योजना लागू होगी।
17. इस्राइल कतर पर हमला नहीं करेगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय गाजा संकट में कतर की मध्यस्थता की भूमिका को मान्यता देगा।
18. गाजा के लोगों को चरमपंथ से दूर करने के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
19. जब गाजा का पुनर्निर्माण और फलस्तीनी प्राधिकरण का सुधार कार्यक्रम पूरा हो जाएगा, तब भविष्य में फलस्तीनी राज्य का रास्ता खुल सकता है।
20. अमेरिका, इस्राइल और फलस्तीन के बीच लंबे समय तक के राजनीतिक समाधान पर बातचीत को आगे बढ़ाएगा।
ट्रंप की शांति योजना पर विचार करके देंगे जवाब- हमास
वहीं, इससे पहले हमास ने मंगलवार को कहाथा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना पर विचार करके प्रतिक्रिया देगा। बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही इसका समर्थन कर चुके हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि हमास इस योजना पर सहमत होगा या नहीं।