US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान के पास अमेरिका का एक प्रस्ताव है। हालांकि, ईरान ने इससे इनकार किया है। ईरान ने ट्रंप प्रशासन पर विरोधाभासी बयान देने का आरोप लगाया और कहा कि एक ही दिन में कई अलग-अलग बयान सामने आते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान के पास अमेरिका का एक प्रस्ताव है, जबकि दोनों देशों के बीच वार्ता जारी है। यह पहली बार है, जब ट्रंप ने माना है कि अमेरिका ने ईरान को एक प्रस्ताव भेजा है। इससे पहले अमेरिका के पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच कई दौर की वार्ता हुई है।
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दोनों देशों के बीच वार्ता विशेषज्ञ स्तर तक पहुंच गई है। इसका मतलब है कि दोनों पक्ष यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वे किसी संभावित समझौते पर पहुंच सकते हैं। ट्रंप ने यह टिप्पणी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दौरे को समाप्त करते समय एयरफोर्स वन (राष्ट्रपति का विमान) में की। यूएई पश्चिम एशिया के तीन देशों की उनकी यात्रा का अंतिम पड़ाव था।
ट्रंप ने कहा, उनके (ईरान) के पास एक प्रस्ताव है। लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि उन्हें जल्दी कदम उठाना होगा, वरना कुछ बुरा हो सकता है। हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि उस प्रस्ताव में क्या है और ईरान ने भी अभी तक यह नहीं माना कि उसे ऐसा कोई प्रस्ताव मिला है।
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने गुरुवार को तेहरान अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में पत्रकारों से कहा कि ईरान को अभी तक अमेरिका की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। अराघची ने ट्रंप प्रशासन के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि उनके बयान आपस में मेल नहीं खाते और विरोधाभासी हैं। उन्होंने कहा कि यह या तो वॉशिंगटन में अव्यवस्था (गड़बड़ी) का संकेत है या जानबूझकर अपनाई गई कोई बातचीत की रणनीति।
अराघची ने कहा, हम अमेरिका से कई तरह के विरोधाभासी बयान सुन रहे हैं। वॉशिंगटन से, राष्ट्रपति से और नए प्रशासन से। कभी-कभी तो हमें एक ही दिन में दो या तीन अलग-अलग बातें सुनने को मिलती हैं।