अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को खरीदने की इच्छा जता रहे हैं। इसका विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने समर्थन किया है। मार्को रूबियो ने कहा कि ग्रीनलैंड को खरीदने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दिलचस्पी कोई मजाक नहीं है। ग्रीनलैंड का अधिग्रहण अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है और इस मुद्दे को सुलझाने की जरूरत है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड को खरीदने की बात का विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने समर्थन किया है। मार्को रूबियो ने कहा कि ग्रीनलैंड को खरीदने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दिलचस्पी कोई मजाक नहीं है। ग्रीनलैंड का अधिग्रहण अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है और इस मुद्दे को सुलझाने की जरूरत है।
विज्ञापन
एक कार्यक्रम में रूबियो ने कहा कि ट्रंप ग्रीनलैंड को खरीदना चाहते हैं और उन्होंने इसे खरीदने के लिए सैन्य दबाव बनाने से इनकार नहीं किया है। यह कोई मजाक नहीं है। यह केवल भूमि अधिग्रहण का मामला नहीं है। बल्कि यह हमारे राष्ट्रीय हित में है और इसे हल करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आर्कटिक अब महत्वपूर्ण नौवाहन मार्ग बनने जा रहा है और अमेरिका इस मार्ग की रक्षा करने के लिए सक्षम है। क्योंकि अमेरिका का प्रतिद्वंदी चीन यहां अपनी उपस्थिति को बढ़ाने की कोशिश करना चाहता है। रूबियो ने कहा ग्रीनलैंड का मालिक बनना राष्ट्रपति की प्राथमिकता है और उन्होंने इसे कई बार स्पष्ट किया है। अभी हम स्थिति में नहीं हैं कि हम इस पर चर्चा कर सकें कि हम आगे कैसे बढ़ेंगे। लेकिन यह तय है कि अब से चार साल बाद आर्कटिक में हमारा हित अधिक सुरक्षित होगा।
विज्ञापन
संसद में लाया जा चुका प्रस्ताव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चुनाव के पहले से ही ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की इच्छा जता रहे हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया खाते पर भी लिखा था- ग्रीनलैंड एक अद्भुत जगह है। यदि यह हमारे देश का हिस्सा बनता है, तो यहां के लोगों को बहुत लाभ मिलेगा। हमें इसे सुरक्षित रखेंगे और दुनिया से बचाएंगे। अमेरिकी संसद के निचले सदन- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में रिपब्लिकन सांसदों ने मेक ग्रीनलैंड ग्रेट अगेन विधेयक पेश कर दिया है।
वहीं ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री म्यूटे बुरुप एगेडे ने कहा था कि ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनने में कोई रुचि नहीं है और यह द्वीप बिकाऊ नहीं है। ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है। यह अटलांटिक और आर्कटिक महासागरों के बीच स्थित है और इसका 80 फीसदी हिस्सा बर्फ से ढका हुआ है। यहां एक बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा भी है।