समझौते को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
दूसरी ओर ट्रंप लगातार यह कहते रहे हैं कि ईरान के साथ समझौता संभव है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर बातचीत सफल नहीं हुई तो सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सकती है। ट्रंप ने कहा कि अब सवाल सिर्फ इतना है कि क्या हम इस युद्ध को पूरी तरह खत्म करेंगे या फिर कोई समझौता होगा। बाद में उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति बॉर्डरलाइन पर है, यानी दोनों देशों के बीच समझौता भी हो सकता है और युद्ध भी दोबारा शुरू हो सकता है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि नेतन्याहू ईरान के मुद्दे पर वही करेंगे जो अमेरिका चाहेगा। हालांकि उन्होंने दोनों नेताओं के बीच रिश्तों को अच्छा बताया।
शांति प्रस्ताव पर ईरान ने क्या कहा?
उधर, ईरान ने पुष्टि की है कि वह नए शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, लेकिन अब तक उसने किसी तरह की नरमी के संकेत नहीं दिए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि बातचीत ईरान के 14 सूत्रीय प्रस्ताव के आधार पर जारी है। साथ ही यह भी बताया गया कि पाकिस्तान के गृह मंत्री मध्यस्थता में मदद के लिए तेहरान पहुंचे हुए हैं।
ट्रंप ने नेतन्याहू को क्या बताया?
एक्सियोस की रिपोर्ट में अमेरिकी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि ट्रंप ने नेतन्याहू को बताया कि मध्यस्थ देश एक लेटर ऑफ इंटेंट तैयार कर रहे हैं। इस दस्तावेज पर अमेरिका और ईरान दोनों हस्ताक्षर कर सकते हैं। इसके बाद 30 दिनों की बातचीत की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।