ट्रंप के शांति प्रस्ताव में क्या-क्या है?
- तत्काल युद्धविराम
- 48 घंटों में बंधकों की रिहाई
- गाजा से क्रमिक इस्राइली वापसी
- हमास का शासन समाप्त करना और हथियार छोड़ना
- गाजा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती
- नागरिक मामलों की देखरेख तकनीकी विशेषज्ञों की समिति द्वारा, बाद में पुनर्गठित फिलिस्तीनी प्राधिकरण को अधिकार
ट्रंप के प्रस्ताव को विस्तार से समझिए
प्रस्ताव के अनुसार इस्राइल की सेनाएं अमेरिका व अन्य गारंटरों के बीच तय मानकों के आधार पर एक निश्चित समय सीमा के अंदर पीछे हट जाएंगीं। इस्राइल की ओर से इस समझौते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किए जाने के 72 घंटे के अंदर हमास सभी बंधकों को जीवित या मृत अवस्था में इस्राइल को वापस करेगा। प्रस्ताव में कहा गया है कि हमास की ओर से हर इस्राइली बंधक के अवशेष सौंपे जाने पर इस्राइल 15 गाजावासियों के अवशेष सौंपेगा। ट्रंप के प्रस्ताव के अनुसार अमेरिका, इस्राइल और फलस्तीनियों के बीच संवाद स्थापित करेगा ताकि शांतिपूर्ण और समृद्ध सह-अस्तित्व के लिए राजनीतिक सहमति बन सके।
इस प्रस्ताव के अनुसार इस्राइल किसी हालत में गाजा पर कब्जा या विलय नहीं करेगा। गाजा एक कट्टरपंथी मुक्त क्षेत्र होगा। ऐसा आतंकवाद-मुक्त क्षेत्र जो अपने पड़ोसियों के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करेगा। गाजा पट्टी में सहायता का वितरण संयुक्त राष्ट्र और उसकी एजेंसियों, रेड क्रिसेंट के माध्यम से दोनों पक्षों के हस्तक्षेप के बिना होगा। हमास और अन्य गुट गाजा के शासन में प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या किसी भी रूप में कोई भूमिका नहीं निभाने पर सहमत होंगे। हमास के जो सदस्य गाजा छोड़ना चाहेंगे उन्हें उन देशों तक सुरक्षित पहुंच प्रदान की जाएगी जो उन्हें अपने यहां लेना चाहते हैं। गाजा के पुनर्निर्माण और उसे सक्रिय बनाने के लिए एक ट्रम्प आर्थिक विकास योजना बनाई जाएगी।
प्रस्ताव स्वीकार होने पर तुरंत भेजी जाएगी सहायता
व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने कहा, इस प्रस्ताव को स्वीकार करने पर समझौते के अनुसार, गाजा पट्टी में तुरंत पूरी सहायता भेजी जाएगी और किसी फलस्तीनी को गाजा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। हालांकि जो लोग छोड़ना चाहते हैं, वे ऐसा करने और वापस लौटने के लिए स्वतंत्र होंगे।
अस्थायी समिति के हाथ में होगा शासन
अमेरिका, अरब व अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर एक अस्थायी अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल विकसित करेगा जिसे तुरंत गाजा में तैनात किया जाएगा। गाजा का शासन एक तकनीकी, अराजनीतिक फलस्तीनी समिति के अस्थायी संक्रमणकालीन समिति के हाथ में होगा। समिति में फलस्तीनियों का प्रतिनिधित्व होने के अलावा अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल होंगे।
शांति चाहने वाले हमास के सदस्यों को माफी दी जाएगी
प्रस्ताव के अनुसार, सभी बंधकों की वापसी के बाद, हमास के उन सदस्यों को, जो शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और अपने हथियारों को निष्क्रिय करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, माफी दी जाएगी। गाजा में एक विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा। इस आर्थिक जोन में भाग लेने वाले देशों के साथ पसंदीदा टैरिफ और पहुंच दरों पर बातचीत की जाएगी।
नेतन्याहू की कतर से माफी
नेतन्याहू ने अपने क़तरी समकक्ष शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी को फोन कर हालिया इज़राइली मिसाइल हमले के लिए औपचारिक माफी मांगी। इस हमले में एक क़तरी सैनिक की मौत हो गई थी। व्हाइट हाउस ने कहा कि नेतन्याहू ने भरोसा दिलाया है कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।
ईरान अब्राहम समझौते में शामिल हो सकता है: ट्रंप
इस दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है कि ईरान अब्राहम समझौते में शामिल हो सकता है। यह एक शांति समझौता है. जिस पर ट्रंप के पहले कार्यकाल में हस्ताक्षर किए गए थे। इसके तहत इस्त्राइल ने चार मुस्लिम बहुल देशों संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान और मोरक्को के साथ राजनयिक संबंध सामान्य किए थे।