हूतियों पर हमले को लेकर सिग्नल चैट लीक मामले में माइक वाल्ट्ज को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह पर मार्को रूबियो को यह जिम्मेदारी दी गई है। रूबियो विदेश मंत्री के साथ ही कार्यवाहक रूप से एनएसए का पद भी संभालेंगे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को कार्यवाहक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया है। वे माइक वाल्ट्ज की जगह लेंगे। ट्रंप ने गुरुवार को यह एलान तब किया है जबकि माइक वाल्ट्ज और उनके डिप्टी एलेक्स वोंग को ट्रंप प्रशासन से बाहर कर दिया गया है। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज को पद से हटाने के कुछ ही घंटों बाद उन्हें संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत के लिए अगला उम्मीदवार नामित किया गया है। बता दें कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में प्रशासनिक फेरबदल के मामले में यह सबसे बड़ा बदलाव है। माइक वाल्ट्ज पर हुई यह कार्रवाई हालिया सिग्नल चैट में हुई बड़ी चूक को लेकर की गई है।
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वाल्ट्ज पर था पद छोड़ने का दबाव
मामले से परिचित लोगों ने बताया कि माइक वाल्ट्ज सिग्नल चैट लीक को लेकर मार्च में कड़ी जांच के घेरे में आ गए थे। उन्होंने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप 'सिग्नल' पर मैसेज भेजने के दौरान पत्रकार जेफरी गोल्डबर्ग को जोड़ा था। इस खुलासे के बाद वाल्ट्ज पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ गया था।
मामले में कैसे घिरा ट्रंप प्रशासन, समझिए
बता दें कि यमन स्थित हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले के लिए अमेरिकी अधिकारियों ने मैसेजिंग एप सिग्नल पर एक ग्रुप बनाया था। वाल्ट्ज ने इस ग्रुप को बनाने के बाद इसमें ट्रंप प्रशासन के 18 शीर्ष अधिकारियों को जोड़ा। इनमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड व केंद्रीय खुफिया एजेंसी निदेशक जॉन रैटक्लिफ शामिल थे। इस ग्रुप में द अटलांटिक मैग्जीन के संपादक जेफ्री गोल्डबर्ग भी जुड़े हुए थे। उन्होंने यमन में हूतियों पर हमले की अमेरिकी योजना का पूरा खुलासा कर दिया। इसके बाद डेमोक्रेटिक सांसद मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
वाल्ट्ज को हटाए जाने की खबर आने के बाद राष्ट्रपति की सहयोगी लॉरा लूमर ने वाल्ट्ज पर निशाना साधा। उन्होंने हाल ही में ओवल ऑफिस में बातचीत के दौरान ट्रंप से कहा था कि उन्हें कुछ सहयोगियों को हटाने की जरूरत है। एनएसए वाल्ट्ज के बारे में लॉरा का मानना है कि वे 'अमेरिका को फिर से महान बनाने' (Make America Great Again or MAGA) के एजेंडे के प्रति पर्याप्त रूप से वफादार नहीं हैं।