अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को खुलासा किया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब दो हफ्ते में अमेरिका आएंगे। ट्रंप ने यह घोषणा व्हाइट हाउस के पास निर्माणाधीन नए बॉलरूम और मिलिट्री कॉम्प्लेक्स का जिक्र करते हुए की। उन्होंने परियोजना की तुलना चीन के ‘ग्रेट हॉल’ से की और साथ ही नए हेलीपोर्ट को भी वर्षों से लंबित जरूरत बताया। हालांकि, शी की यात्रा को लेकर अभी चीन या व्हाइट हाउस की ओर से आधिकारिक कार्यक्रम और अन्य विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
रोज गार्डन कार्यक्रम में ट्रंप ने किया एलान
ट्रंप ने यह जानकारी व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में आयोजित ‘बैक-टू-स्कूल’ कार्यक्रम की शुरुआत के दौरान दी। हालांकि, उन्होंने शी जिनपिंग के साथ होने वाली बातचीत की तारीख, कार्यक्रम और यात्रा से जुड़ी अन्य जानकारियां साझा नहीं कीं। ट्रंप ने कहा,'राष्ट्रपति शी दो हफ्ते में आ रहे हैं। मैं दो महीने पहले चीन गया था और हमने चीन का ‘ग्रेट हॉल’ देखा था। अब अमेरिका में भी हमारा अपना ‘ग्रेट हॉल’ होगा। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है, बहुत-बहुत महत्वपूर्ण है।”
व्हाइट हाउस परिसर में बन रहा बॉलरूम और मिलिट्री कॉम्प्लेक्स
ट्रंप ने व्हाइट हाउस परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों से इस प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स को जोड़ते हुए बताया कि परियोजना में एक भव्य बॉलरूम के साथ-साथ एक मिलिट्री कॉम्प्लेक्स भी शामिल होगा। उन्होंने कहा,'जैसा कि आप जानते हैं, हम वहां एक मिलिट्री कॉम्प्लेक्स और एक बॉलरूम बना रहे हैं, जो दुनिया में अपनी तरह का सबसे बेहतरीन होगा।' शिक्षा पर अपनी बात रखने के बाद राष्ट्रपति एक बार फिर निर्माण कार्य की चर्चा पर लौट आए। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद छात्रों और उनके परिवारों को अपने साथ निर्माण स्थल देखने के लिए आमंत्रित किया।
बच्चों को निर्माण स्थल दिखाने के लिए उत्साहित दिखे ट्रंप
ट्रंप ने कहा, 'आप ठीक बगल में व्हाइट हाउस के पास बन रही शानदार इमारत देखेंगे। वही बॉलरूम और मिलिट्री कॉम्प्लेक्स होगा। यह अद्भुत है।'उन्होंने बताया कि प्रशासन व्हाइट हाउस में एक नया हेलीपोर्ट भी बना रहा है। ट्रंप के मुताबिक, पहले हेलीकॉप्टरों को घास पर उतरना पड़ता था, जिससे गीले मौसम में परेशानी और सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा होते थे।
‘गीली घास पर हेलीकॉप्टर उतारना खतरनाक था’
ट्रंप ने कहा, 'हम एक सुंदर हेलीपोर्ट बना रहे हैं, जिसकी मांग कई वर्षों से की जा रही थी। हेलीकॉप्टर को गीली घास पर उतरना पड़ता था, जो खराब और खतरनाक था।'रोज गार्डन में जुटे बच्चों को निर्माण कार्य दिखाने को लेकर ट्रंप खासे उत्साहित नजर आए। उन्होंने निर्माण स्थल से आने वाली आवाजों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें निर्माण कार्य की आवाज पसंद है। ट्रंप ने कहा,'मुझे निर्माण कार्य की आवाज बहुत पसंद है। जब मैं बाहर वह शोर-शराबा सुनता हूं, तो कुछ लोग कहते हैं, ‘अरे, यह तो बहुत बुरा है।’ और मैं कहता हूं, ‘मुझे यह बहुत पसंद है।’'
‘वर्कर अमेरिका के लिए कुछ बहुत अच्छा कर रहे हैं’
राष्ट्रपति ने कहा कि इस परियोजना में काम कर रहे कर्मचारी 'अमेरिका के लिए कुछ बहुत अच्छा कर रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर कहा कि हेलीपोर्ट की जरूरत कई वर्षों से महसूस की जा रही थी। हम वे सभी काम कर रहे हैं, जो कई साल पहले हो जाने चाहिए थे।'
शी के दौरे पर अभी चीन या व्हाइट हाउस की ओर से पुष्टि नहीं
ट्रंप ने शी जिनपिंग के संभावित दौरे की घोषणा तो कर दी, लेकिन चीनी सरकार की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई बयान नहीं आया। व्हाइट हाउस की ओर से भी यात्रा की तारीख, एजेंडे या अन्य विवरणों को लेकर कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई। फिर भी, ट्रंप की घोषणा से दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के बीच एक और उच्च-स्तरीय बैठक की संभावना के संकेत मिलते हैं।
अमेरिका-चीन संबंधों के बीच अहम मुलाकात
वाशिंगटन और बीजिंग के रिश्ते व्यापार, तकनीक, ताइवान, दक्षिण चीन सागर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों को लेकर लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। इसके बावजूद दोनों देशों की सरकारें तनाव को नियंत्रित करने और अपनी प्रतिद्वंद्विता को और बढ़ने से रोकने के लिए उच्च-स्तरीय संपर्क बनाए रखने की कोशिश करती रही हैं। ऐसे में शी जिनपिंग का संभावित अमेरिका दौरा दोनों देशों के बीच संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। हालांकि, यात्रा के आधिकारिक कार्यक्रम और बैठक के एजेंडे की पुष्टि अभी बाकी है।
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चीन का ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ क्यों है खास?
बीजिंग में स्थित ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ चीन की प्रमुख औपचारिक और विधायी इमारत है। यह तियानमेन स्क्वायर के पश्चिमी किनारे पर स्थित है। यहां बड़े सरकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और चीन की राष्ट्रीय विधायिका की बैठकें भी होती हैं। इसके अलावा, विदेशी नेताओं के स्वागत समारोह समेत कई महत्वपूर्ण राजकीय कार्यक्रम भी इसी इमारत में आयोजित किए जाते हैं। ट्रंप ने अमेरिका में बन रहे नए परिसर की तुलना इसी प्रतिष्ठित चीनी इमारत से की है।