पाकिस्तान के रावलपिंडी में दो अमेरिकी सांसदों ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मलाकात की। यह मुलाकात इस्लामाबाद और वाशिंगटन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के तहत हुई। पाकिस्तान की सैन्य मीडिया शाखा, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा कि यह बैठक सोमवार को रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में हुई।
बैठक में किस मुद्दे पर हुई चर्चा?
दो रिपब्लिकन सांसदों का यह दौरा अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में आई नई गति के बीच हो रहा है, जिसमें पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद दोनों पक्षों ने उच्च स्तरीय राजनीतिक, रक्षा और आर्थिक संपर्कों को बढ़ाया है।
दोनों देशों के साथ है लगातार संपर्क
इस साल की शुरुआत में दोनों देशों के बीच शत्रुता शुरू होने के बाद से पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की है। इस महीने हुए नए हमलों के बाद टूटे युद्धविराम को फिर से लागू करने के प्रयासों के बीच इस्लामाबाद वाशिंगटन और तेहरान दोनों के साथ लगातार संपर्क में है।
आईएसपीआर के अनुसार, मुनीर ने अमेरिका के दौरे पर आए सांसदों के सामने पाकिस्तान की आर्थिक क्षमता को उजागर किया। इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय स्थिरता आर्थिक विकास, व्यापार विस्तार और क्षेत्रीय संपर्क से निकटता से जुड़ी हुई है।
आईएसपीआर ने क्या बताया?
पंजाब के राज्यपाल सरदार सलीम हैदर खान से मुलाकात की
इसमें आगे कहा गया है कि अमेरिकी सांसदों ने दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक, वाणिज्यिक और संस्थागत संबंधों को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। दोनों कांग्रेसी नेता पिछले सप्ताह पाकिस्तान पहुंचे और लाहौर का दौरा भी किया, जहां उन्होंने पंजाब के राज्यपाल सरदार सलीम हैदर खान से मुलाकात की।
सरकारी पाकिस्तानी टेलीविजन से बात करते हुए बॉमगार्टनर ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होने वाले हैं। वहीं, जिंके ने कहा, संबंध पहले कभी इतने अच्छे नहीं रहे। मुनीर ने हाल के वर्षों में ट्रंप प्रशासन के साथ घनिष्ठ संबंध विकसित किए हैं। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से मुनीर को अपना "पसंदीदा फील्ड मार्शल" बताया है, जबकि पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया है।
पिछले साल मुनीर की अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ एक बंद कमरे में दोपहर का भोजन किया था। यह एक अमेरिकी राष्ट्रपति और एक सेवारत पाकिस्तानी सेना प्रमुख के बीच पहली ज्ञात निजी बैठक थी।