पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से 10 तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति तोहफे के तौर पर दी है। इन सभी जहाजों पर पाकिस्तान के झंडे लगे हैं। उनके मुताबिक यह कदम इस बात का संकेत है कि तेहरान अब बातचीत के लिए गंभीर है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका का सैन्य अभियान तय समय से काफी आगे बढ़ चुका है और ईरान पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
तोहफा बनकर आए तेल टैंकर में लगे पाकिस्तान के झंडे
ट्रंप ने बताया कि ईरान ने पहले आठ बड़े तेल टैंकरों को और बाद में दो अन्य जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने दिया। उन्होंने इसे एक गिफ्ट बताया, जो बातचीत की दिशा में सकारात्मक संकेत है। ट्रंप ने यह भी कहा उन जहाजों में पाकिस्तान के झंडे लगे थे। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होती है। ऐसे में ईरान का यह कदम केवल आर्थिक नहीं, बल्कि कूटनीतिक संदेश भी माना जा रहा है कि वह तनाव कम करने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।
ये भी पढ़ें- Hormuz Transit Fee: होर्मुज पर जहाजों से शुल्क वसूल रहा है ईरान, खाड़ी अरब गुट के महासचिव ने लगाए बड़े आरोप
क्या अमेरिका को युद्ध में बढ़त मिल चुकी है?
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने इस सैन्य अभियान को चार से छह हफ्तों में पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब यह तय समय से काफी आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है और उसकी नौसेना लगभग खत्म हो गई है। ट्रंप के अनुसार अमेरिका को ईरान के कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर बढ़त हासिल है और वह लगातार उसके परमाणु हथियार, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को निशाना बना रहा है। उन्होंने इसे निर्णायक बढ़त बताया।
क्या ईरान बातचीत के लिए मजबूर हुआ?
ट्रंप ने कहा कि ईरान अब अंदर ही अंदर अपनी हार मान चुका है और समझौते के लिए मजबूर है, भले ही वह सार्वजनिक रूप से इससे इनकार कर रहा हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सही समझौता होता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुल सकता है और वैश्विक सप्लाई सामान्य हो सकती है। वहीं, अमेरिका के मध्य पूर्व विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि समझौते की संभावना मजबूत है और शक्ति के साथ शांति की नीति सबसे असरदार है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्रीय प्रस्ताव दिया है। फिलहाल हालात तनावपूर्ण हैं, लेकिन कूटनीतिक रास्ता खुला हुआ दिख रहा है।
तोहफे के बावजूद ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि वह जल्दी समझौता करे, नहीं तो उस पर और बम बरसाए जाएंगे। ट्रंप ने यह बयान तब दिया जब बृहस्पतिवार को एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि लगभग चार सप्ताह से चल रही लड़ाई को समाप्त करने का वाशिंगटन का प्रस्ताव एकतरफा और अनुचित है, लेकिन कूटनीति जारी है।
सोशल ट्रुथ पर क्या लिखा?
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, ईरानी अजीब हैं, बंद कमरे में समझौते की भीख मांगते हैं लेकिन सार्वजनिक रूप से कहते हैं कि वे हमारे प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। गलत, उन्हें जल्द गंभीर होना चाहिए। इससे पहले कि बहुत देर हो जाए और अगर ऐसा हुआ तो फिर लौटने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। बाद में, व्हाइट हाउस में कैबिनेट की बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा, ईरान के पास अब अपने परमाणु महत्वाकांक्षाओं को स्थायी रूप से त्यागने और एक नए रास्ते पर चलने का मौका है। हम देखेंगे कि वे ऐसा करना चाहते हैं या नहीं। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम उनके लिए सबसे बुरा सपना साबित होंगे। इस बीच, हम उन पर बमबारी करते रहेंगे।
अमेरिका की शर्ते खारिज करने की बात
वहीं, ईरान के अधिकारी ने कहा, संघर्ष को समाप्त करने के लिए वाशिंगटन का नवीनतम प्रस्ताव हमने देखा और समीक्षा के बाद उसे खारिज कर दिया है। यह एकतरफा और अनुचित है और वाशिंगटन ने केवल अमेरिकी और इस्राइली हितों को साधने वाली शर्तें रखी है। अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया, पाकिस्तान के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जाने के बाद तेहरान ने बुधवार रात को इसकी विस्तृत समीक्षा की, लेकिन पाया कि इसमें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक बुनियादी शर्तें मौजूद नहीं हैं। वैसे अधिकारी ने यह भी कहा, कूटनीति रुकी नहीं है और अगर वाशिंगटन से जमीन यथार्थ के आधार पर प्रस्ताव मिलता है तो आगे बढ़ने का रास्ता अब भी मिल सकता है। वैसे अभी तक बातचीत के लिए कोई व्यवस्था नहीं है, इस स्तर पर बातचीत की कोई योजना व्यावहारिक नहीं लगती।
ट्रंप ने समझौता न होने का भी दिया संकेत
अपने स्वभाव के अनुसार ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों को महान वार्ताकार करार दिया और कहा, हम एक ऐसे समझौते की तलाश में हैं जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य खुल जाए और तेहरान की सैन्य महत्वाकांक्षाओं पर विराम लग जाए। ट्रंप ने यह संकेत भी दिया कि अंततः समझौता होना संभव नहीं है। उन्होंने समझौते की संभावनाओं के बारे में कहा, मुझे नहीं पता कि हम ऐसा कर पाएंगे या नहीं। मुझे नहीं पता कि हम ऐसा करने को तैयार हैं या नहीं।
ये भी पढ़ें- West Asia Conflict: 'कोरोना जैसे बन रहे हालात', पुतिन बोले- जंग लड़ रहे देशों को इसके असर का अंदाजा नहीं
अन्य वीडियो-