रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अमेरिका में रेड कार्पेट पर स्वागत किए जाने से यूक्रेनी लोग काफी नाराज हैं। पिछले साढ़े तीन साल से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। रूस ने यूक्रेन के कई हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। हजारों यूक्रेनी सैनिक और नागरिक मारे गए हैं। यूक्रेन को उम्मीद थी कि अमेरिका हमेशा उसका साथ देगा। लेकिन जब ट्रंप ने पुतिन का इतने सम्मान से स्वागत किया, तो यूक्रेनी लोगों को लगा कि अमेरिका ने उनका साथ छोड़ दिया है।
कीव निवासी नताल्या लिपेई (66 साल वर्षीय) को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन उनके फोन की स्क्रीन पर जो तस्वीरें चल रही थीं, वो सच थीं। ट्रंप ने व्लादिमीर पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया और जब पुतिन उनके पास पहुंचे तालियां बजाईं। पुतिन को अमेरिका में चार लड़ाकू विमानों की सुरक्षा में लाया गया था।
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ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) की ओर से पुतिन के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को भी नजरअंदाज कर दिया, जिसकी वजह से पुतिन अब तक केवल उन्हीं देशों में जाते रहे हैं, जो उनके करीबी सहयोगी हैं। नताल्या ने कहा, आप एक तानाशाह का इस तरह से कैसे स्वागत कर सकते हैं? यही सवाल बहुत से लोग पूछ रहे हैं।
यूक्रेन के लोगों को ऐसा महसूस हुआ जैसे उनके साथ धोखा हुआ है। पुतिन के लिए न केवल रेड कार्पेट बिछाया गया, बल्कि यूक्रेन के लिए कोई ठोस नतीजा भी नहीं निकला। सबसे बड़ी बात रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों पर बात तक नहीं हुई, जो यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण हो सकते थे।
अब तक हजारों यूक्रेनी सैनिक युद्ध में मारे जा चुके हैं या घायल हुए हैं। सैकड़ों आम नागरिक रूस के हमलों में मारे गए हैं और देश का लगभग पांचवां हिस्सा रूस के कब्जे में है, जिससे परिवार, संपत्ति और यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता सभी को नुकसान पहुंचा है। यूक्रेनी सोशल मीडिया पर एक मीम वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रंप और पुतिन रेड कार्पेट पर चल रहे हैं, जो मरे हुए यूक्रेनियों की लाशों से ढका हुआ है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पहले ही अंदेशा जताया था कि यह बैठक पुतिन के लिए फायदेमंद होगी और इससे कोई खास नतीजा नहीं निकलेगा। उन्होंने पहले ही कह दिया था कि पुतिन को बस अमेरिका की धरती पर एक तस्वीर चाहिए और वह उसे इस बैठक में मिल गई। करीब एक दशक बाद पुतिन ने अमेरिका की धरती पर कदम रखा था। 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस अलग-थलग पड़ा हुआ था, वह इस यात्रा के साथ खत्म होता नजर आ रहा है। पुतिन के लिए यह एक जीत थी।
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नताल्या लिपेई का बेटा भी एक यूक्रेनी सैनिक था और पिछले साल युद्ध में मारा गया। उन्होंने कहा, मुझे बहुत दुख होता है कि मेरा बेटा इस युद्ध में मारा गया और आज हमें लगा कि जैसे एक और मौत हो गई हो। उनका 34 वर्षीय बेटा यूक्रेन की 79वीं ब्रिगेड में था और डोनेत्स्क क्षेत्र में मारा गया था। यह वहीं इलाका है, जिसे पुतिन शांति समझौते के बदले यूक्रेन से खाली करवाना चाहते हैं।
कीव निवासी नताल्या कुसिल (60 वर्षीय) ने कहा कि उन्हें आश्चर्य हुआ कि ट्रंप की बैठक से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, जबकि वह खुद को युद्ध समाप्त करने की कोशिश में लगे हुए दिखाते हैं। उन्होंने कहा, कोई नतीजा नहीं निकला और हमें नहीं पता कि आगे भी कोई नतीजा निकलेगा या नहीं। हालांकि हम हमेशा कुछ अच्छे की उम्मीद करते हैं।