फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ceasefire: ईरान की 10 शर्तों से ट्रंप असहमत? अमेरिकी कूटनीति पर पूर्व राजदूत ने उठाए सवाल; बयान के मायने क्या?

Wed, 08 Apr 2026 03:42 PM IST
Riya Dubey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

विशेषज्ञ केपी फैबियन के अनुसार अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्तों का युद्ध विराम राहत भरा कदम माना जा रहा है, लेकिन ट्रंप ने ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव को सिर्फ बातचीत का आधार माना है, उस पर सहमति नहीं दी।  
विज्ञापन
केपी फैबियन - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच घोषित दो हफ्तों के युद्धविराम को जहां एक ओर बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है, वहीं इस पूरे घटनाक्रम में एक बेहद अहम बात उभरकर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार करने के बजाय सिर्फ उसे देखने योग्य बताया है, लेकिन उस पर अपनी सहमति नहीं जताई। विदेश नीति विशेषज्ञ और पूर्व राजदूत कलारिकल प्रांचु फैबियन ने इसी पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि इसे समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही आने वाली कूटनीतिक दिशा तय करेगा।

दोनों पक्षों के बीच कई अहम मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं

फैबियन के अनुसार, ट्रंप का यह कहना कि ईरान का 10-पॉइंट प्लान वर्केबल बेसिस है, केवल बातचीत शुरू करने की इच्छा को दर्शाता है, न कि किसी तरह की सहमति को। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रंप ने खुद यह नहीं कहा कि वे इस प्रस्ताव के सभी बिंदुओं से सहमत हैं। इसका मतलब यह है कि दोनों पक्षों के बीच अभी भी कई अहम मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं और आगे की बातचीत आसान नहीं होगी।

ट्रंप ने किया सघंर्ष विराम का एलान

दरअसल, ट्रंप ने दो सप्ताह के लिए सैन्य कार्रवाई रोकने का एलान किया है, जिसे उन्होंने होर्मुज को फिर से खोलने की शर्त से जोड़ा है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। ट्रंप का कहना है कि इस अस्थायी विराम के दौरान एक दीर्घकालिक शांति समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, यह विराम पूरी तरह सशर्त है और इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान और अमेरिका किन बिंदुओं पर सहमत हो पाते हैं।

विज्ञापन


ईरान की ओर से भी संकेत मिले हैं कि यदि उस पर हमले रुकते हैं तो वह अपनी सैन्य कार्रवाई रोक सकता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही दो सप्ताह तक संभव होगी, लेकिन यह ईरानी बलों के समन्वय और कुछ तकनीकी सीमाओं के अधीन रहेगी।

युद्ध विराम सभी के हित में है

फैबियन का मानना है कि यह युद्ध विराम निश्चित रूप से राहत देने वाला कदम है और इससे बड़े सैन्य टकराव को टालने का अवसर मिला है। उन्होंने इसे अमेरिका, ईरान, इस्राइल, पश्चिम एशिया और भारत सभी के हित में बताया। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यह स्थायी समाधान नहीं है, बल्कि केवल एक विंडो पीरियड है, जिसके भीतर कठिन और जटिल बातचीत होनी बाकी है।

विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें