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रूस पर नरमी दिखाकर घिरे ट्रंप: विरोध के बीच कहा- मेरा फैसला दुनिया के हित में; अमेरिकी सांसदों ने खोला मोर्चा

Sun, 18 Oct 2026 10:13 AM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, वाशिंगटन

सार

डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट देने के अपने फैसले को सही ठहराया है। इस फैसले के तहत भारत और चीन समेत रूसी तेल के बड़े खरीदारों को भी टैरिफ में राहत मिली है। लेकिन अमेरिकी सांसदों की नाराजगी के बीच क्या ट्रंप अपने रुख पर कायम रहेंगे? जानिए...
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस को नए प्रतिबंधों से छूट देने के फैसले को लेकर आलोचनाओं से घिर गए हैं। हालांकि, उन्होंने अपने फैसले का बचाव करते हुए इसे अमेरिका और दुनिया के हित में बताया है। ट्रंप का कहना है कि अभी कई लोगों को उनके फैसले का असली मतलब समझ नहीं आया है। उनके इस कदम पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों दलों के नेताओं ने सवाल उठाए हैं।

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ट्रंप बोले- मेरा फैसला अमेरिका और दुनिया के हित में
ट्रंप ने शनिवार शाम मियामी स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि कई लोगों को अभी उनके फैसले की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि समय के साथ सभी को इसके बारे में पता चल जाएगा। ट्रंप ने कहा "यह बहुत अच्छा फैसला है। यह देश के लिए अच्छा होगा और मुझे लगता है कि दुनिया के लिए भी अच्छा होगा, क्योंकि हम वैश्विक मंच पर हैं।" उनका यह बयान रूस को नए अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट देने के फैसले पर बढ़ती राजनीतिक आलोचनाओं के बीच आया है।

रिपब्लिकन नेताओं ने भी ट्रंप के फैसले पर उठाए सवाल
रूस को प्रतिबंधों से छूट देने के फैसले की आलोचना सिर्फ विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने ही नहीं की, बल्कि ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने भी इस पर नाराजगी जताई है। दक्षिण कैरोलिना की रिपब्लिकन सीनेटर डार्लिन ग्राहम ने कहा कि वह रूस पर दबाव बनाए रखने के पक्ष में हैं, ताकि युद्ध समाप्त हो और ईंधन की कीमतों में कमी आए। उन्होंने कहा कि उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूस पर भरोसा नहीं है।
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डार्लिन ग्राहम ने यह भी कहा कि रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून का नाम उनके दिवंगत भाई लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया था। लिंडसे ग्राहम ने इस विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए काफी काम किया था। वहीं, रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के फैसले को 'गैरजिम्मेदाराना' बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि सीनेट में 86-11 के भारी बहुमत से पारित कानून को लागू करने की जरूरत राष्ट्रपति और उनके सलाहकार क्यों नहीं समझ रहे हैं।

टिलिस ने कहा कि यूक्रेन पर अवैध रूप से हमला करने वाले रूस के सामने झुकना अस्वीकार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ट्रंप ऊर्जा की कीमतें कम करना चाहते हैं, तो उन्हें ईरान युद्ध के कारण बढ़ी कीमतों पर ध्यान देना चाहिए, न कि पुतिन को राहत देनी चाहिए। टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन ने भी इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लिंडसे ग्राहम इस कदम से बेहद निराश होते।

डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस की अनदेखी का लगाया आरोप
मैसाचुसेट्स की डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने ट्रंप पर कांग्रेस की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का फैसला व्लादिमीर पुतिन को अपना आक्रामक युद्ध जारी रखने में मदद कर रहा है। वॉरेन ने अपने सहयोगी सांसदों से इस फैसले को पलटने के लिए कदम उठाने की अपील की।

रूस को प्रतिबंधों से छूट देने के लिए क्या किया ट्रंप ने?
ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत रूस को नए प्रतिबंध कानून से छूट दी गई। अमेरिकी कांग्रेस ने पिछले महीने रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से संबंधित इस कानून को भारी बहुमत से पारित किया था। इसे ग्राहम एक्ट के नाम से भी जाना गया है।

कार्यकारी आदेश के तहत रूसी तेल और गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों को भी 100 प्रतिशत टैरिफ से छूट दी गई है। इनमें भारत और चीन जैसे देश शामिल हैं। आदेश के अनुसार, यह छूट तब तक लागू रहेगी, जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री, जरूरत के मुताबिक वित्त मंत्री और व्यापार प्रतिनिधि से परामर्श करने के बाद, आगे की कार्रवाई को उचित नहीं मानते। इस प्रावधान के कारण छूट की अवधि आगे के सरकारी फैसलों पर निर्भर करेगी।

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