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जेलेंस्की ने मानी अमेरिका की बात: ट्रंप का दावा- रूस के ऊर्जा ठिकानों पर नहीं होगा हमला, ईरान पर क्या कहा?

Mon, 14 Sep 2026 10:27 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि यूक्रेन रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करने पर सहमत हो गया है और रूस भी ऐसा ही करेगा। ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को दुनिया में डीजल की बढ़ती कीमतों की बड़ी वजह बताया। साथ ही उन्होंने ईरान के साथ सैन्य संघर्ष, होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के प्रवाह और संभावित समझौते को लेकर भी बयान दिया। क्या कई मोर्चों पर तनाव कम होने वाला है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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अमेरिका में बढ़ती महंगाई पर क्या बोले ट्रंप? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करने पर सहमति जताई है और रूस भी यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाने पर राजी हो गया है। ट्रंप ने इस घटनाक्रम को दुनिया में डीजल की कीमतों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि डीजल की कीमत बढ़ने की बड़ी वजह रूस-यूक्रेन युद्ध है, न कि ईरान। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष, तेल की कीमत और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी कई दावे किए हैं।

क्या यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमला रोकने की बात मान ली है?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यूक्रेन रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करने के लिए सहमत हो गया है। उनके मुताबिक, रूस ने भी इसी तरह का कदम उठाने पर सहमति जताई है। ट्रंप के बयान के अनुसार, दोनों देशों के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने वाले हमलों को रोकने की दिशा में यह एक अहम सहमति है। हालांकि, ट्रंप ने अपने पोस्ट में इस सहमति के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। उन्होंने इसे रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच ऊर्जा क्षेत्र को लेकर महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर पेश किया।

ट्रंप ने दुनिया में डीजल की कीमत बढ़ने की वजह क्या बताई?

ट्रंप ने कहा कि दुनिया में डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध है। उन्होंने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार मानने से इनकार किया। ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ी कीमतों का भी जिक्र किया और इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके प्रशासन को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में कीमतें उनकी वजह से नहीं बढ़ी हैं। ट्रंप के मुताबिक, तेल को छोड़कर बाकी कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं। उनका दावा है कि ईरान के साथ सैन्य संघर्ष खत्म होने के बाद तेल की कीमत भी बहुत तेजी से गिर सकती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने कहा कि तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर बह रहा है। उन्होंने इस मामले में दुनिया के दूसरे देशों पर भी निशाना साधा। ट्रंप का कहना है कि कई देशों ने अमेरिका की पर्याप्त मदद नहीं की है और मौजूदा संघर्ष खत्म होने के बाद उन्हें अमेरिका को उसके खर्च की भरपाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय से दूसरे देशों के लिए भी इस तरह के प्रयास करता रहा है। तेल की कीमतों को लेकर ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ सैन्य संघर्ष ज्यादा लंबा नहीं चलेगा और इसके खत्म होते ही तेल की कीमत में बड़ी गिरावट आ सकती है।

ईरान के साथ समझौते को लेकर ट्रंप का क्या दावा है?

ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि वह जल्दी और बुरी तरह समझौता करना चाहता है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ किसी समझौते को स्वीकार कर लिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होना है या नहीं, इसका फैसला वह खुद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका बातचीत के विचार के लिए खुला है। यानी ईरान की ओर से संभावित समझौते की इच्छा का दावा करते हुए ट्रंप ने अंतिम फैसला अपने हाथ में होने की बात कही है। उनके बयान से यह जरूर संकेत मिलता है कि सैन्य संघर्ष के बीच बातचीत का विकल्प खुला रखा गया है।

अमेरिका की हथियार फैक्ट्रियां 24 घंटे क्यों चल रही हैं?

ट्रंप ने अमेरिका के हथियार उत्पादन को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अपने इतिहास के किसी भी दौर की तुलना में ज्यादा आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाले हथियार बना रहा है। उनके मुताबिक, इन हथियारों की रोजाना आपूर्ति मध्य पूर्व और दूसरे क्षेत्रों में मौजूद अमेरिकी बलों को की जा रही है। ट्रंप ने दावा किया कि रक्षा कंपनियों की फैक्ट्रियां 24 घंटे काम कर रही हैं और हर कंपनी औसतन चार से पांच बड़े नए संयंत्र भी बना रही है। उन्होंने कहा कि पैट्रियट, थाड सिस्टम, टॉमहॉक और अन्य मानक मिसाइल प्रणालियों का उत्पादन इस अभियान का प्रमुख हिस्सा है।

क्या रूस-यूक्रेन और ईरान के तनाव में कमी से तेल सस्ता होगा?

ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान के साथ सैन्य संघर्ष, दोनों को ऊर्जा बाजार से जोड़कर देखा है। उनका कहना है कि दुनिया में डीजल की कीमत बढ़ने की बड़ी वजह रूस-यूक्रेन युद्ध है, जबकि तेल की मौजूदा स्थिति को ईरान के साथ सैन्य संघर्ष से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि संघर्ष खत्म होते ही तेल की कीमत तेजी से गिर सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के प्रवाह को जारी बताते हुए ट्रंप ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी अपना दावा रखा है। यूक्रेन और रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की उनकी घोषणा और ईरान के साथ संभावित बातचीत के बयान से अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या एक साथ कई मोर्चों पर तनाव कम करने की दिशा में कोई रास्ता निकल सकता है। फिलहाल ट्रंप के ये दावे ही इस पूरे घटनाक्रम का आधार हैं।
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