अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ग्रीनलैंड में जल्द ही बड़े पैमाने पर तेल, गैस और खनिजों की खोज शुरू होने वाली है। उन्होंने ग्रीनलैंड को अमेरिका का नया और खूबसूरत ग्रीनलैंड बताया है। दूसरी ओर, रूस के साथ डीजल ईंधन को लेकर हुए समझौते पर ट्रंप को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी ट्रंप के रवैये पर नाराजगी जताई है। इन घटनाओं से ग्रीनलैंड पर अमेरिकी मंशा और रूस-यूक्रेन युद्ध में ट्रंप की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर ग्रीनलैंड में तेल, गैस और खनिजों की खोज को लेकर दावा किया। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका, डेनमार्क और वहां के प्रशासन के बीच बीते महीने सुरक्षा समझौता भी हुआ था। इसके तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की अनुमति मिली है। हालांकि, इस समझौते में अमेरिका को तेल की खोज या खनन का अधिकार नहीं दिया गया है। ऐसे में ट्रंप के दावे और समझौते की शर्तों के बीच अंतर दिखाई देता है।
ग्रीनलैंड में तेल-गैस की खोज को लेकर ट्रंप ने क्या दावा किया?
ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। वह वर्ष 2019 से ही सुरक्षा का हवाला देकर ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में लेने या खरीदने की बात कहते रहे हैं। हालांकि, ग्रीनलैंड ने अमेरिकी नियंत्रण की कोशिशों का विरोध किया है। वहां वर्ष 2021 में तेल की नई खोज पर रोक लगा दी गई थी। डेनमार्क के सुरक्षा नीति सलाहकार जैकब कार्सबो ने भी चेताया है कि सुरक्षा समझौते को ट्रंप की ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की इच्छा खत्म होने का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। यानी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की अनुमति मिलने का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका को वहां के प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार भी मिल गया है।
काश पटेल रूस क्यों पहुंचे और डीजल समझौते पर विवाद क्या है?
अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी एफबीआई के निदेशक काश पटेल बैठक के लिए रूस पहुंचे हैं। अमेरिकी समाचार चैनल एमएस नाउ के मुताबिक, उनका अचानक हुआ यह दौरा ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच डीजल ईंधन से जुड़े विवादित समझौते को लेकर राजनीतिक घमासान के बाद हुआ है। इस समझौते के तहत ट्रंप ने रूसी डीजल ईंधन पर लगे प्रतिबंधों को कुछ समय के लिए हटाने का एलान किया था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की और इसे पुतिन के लिए तोहफा बताया। हालांकि, काश पटेल के रूस दौरे और इस विवाद के बीच संबंध को लेकर उपलब्ध जानकारी में विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
ट्रंप के बयान पर जेलेंस्की ने क्या कहा?
रूसी डीजल पर प्रतिबंधों में अस्थायी छूट के फैसले के बाद ट्रंप और जेलेंस्की के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति मिलना चाहिए। इसके जवाब में जेलेंस्की ने कहा कि जब ट्रंप रूस के साथ जारी युद्ध में यूक्रेन के बजाय किसी दूसरे पक्ष का साथ देते हैं, तो उन्हें दुख होता है। जेलेंस्की के मुताबिक, उन्हें ट्रंप के रूस और यूक्रेन के बीच रहने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि वह मध्यस्थ हैं, तो उन्हें निष्पक्ष रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह दर्दनाक है, जब राष्ट्रपति ट्रंप एक पक्ष चुनते हैं, हमारा पक्ष नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर ट्रंप बीच में हैं, तो उन्हें बीच में ही रहना चाहिए।
क्या ग्रीनलैंड और रूस-यूक्रेन विवाद में ट्रंप की भूमिका पर सवाल बढ़ेंगे?
ग्रीनलैंड में तेल, गैस और खनिजों की खोज का दावा ऐसे समय आया है, जब वहां अमेरिकी नियंत्रण की कोशिशों का विरोध होता रहा है। सुरक्षा समझौते से अमेरिका की सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का रास्ता खुला है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों की खोज का अधिकार नहीं मिला है। दूसरी ओर, रूस के डीजल पर प्रतिबंधों में छूट देने के फैसले ने यूक्रेन की नाराजगी बढ़ाई है। जेलेंस्की चाहते हैं कि ट्रंप मध्यस्थ की भूमिका निभाते समय किसी एक पक्ष का समर्थन न करें। इन दोनों मामलों में ट्रंप के बयानों और फैसलों को लेकर आगे क्या रुख सामने आता है, इस पर नजर रहेगी।