Trump Says Spain Should Throw Out Of NATO: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पेन को नाटो से बाहर करने की बात कही है। उनका इशारा जून में हुए उस समझौते की ओर था, जिसमें सभी 32 सदस्य देशों ने रक्षा बजट को जीडीपी के 5% तक बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी, लेकिन स्पेन को छूट दी गई थी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में स्पेन को 'कमजोर कड़ी' बताया और यहां तक कह दिया कि अगर वह रक्षा खर्च नहीं बढ़ाता तो उसे संगठन से बाहर कर देना चाहिए। ट्रंप के इस बयान पर स्पेन की सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि वह एक 'वफादार और प्रतिबद्ध सहयोगी' है।
'शायद स्पेन को नाटो से बाहर कर देना चाहिए'
गुरुवार को ट्रंप ने अलेक्जेंडर स्टब से मुलाकात के दौरान कहा, 'स्पेन को समझाना होगा कि वह पीछे क्यों है। उसके पास कोई बहाना नहीं है। शायद उसे नाटो से बाहर कर देना चाहिए।' उनका इशारा जून में हुए उस समझौते की ओर था, जिसमें सभी 32 सदस्य देशों ने रक्षा बजट को जीडीपी के 5% तक बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी, लेकिन स्पेन को छूट दी गई थी। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा था कि 2.1% तक खर्च 'पर्याप्त' है।
विज्ञापन
हमें कोई चिंता नहीं है- स्पेन की रक्षा मंत्री
स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स ने शुक्रवार को कहा, 'हमें कोई चिंता नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप को पता होना चाहिए कि स्पेन एक वफादार नाटो सहयोगी है।' आंकड़ों के अनुसार, स्पेन ने पिछले वर्ष अपनी जीडीपी का सिर्फ 1.28% रक्षा पर खर्च किया था, जो गठबंधन में सबसे कम था। हालांकि स्पेन ने कहा कि वह केवल पैसे से नहीं, बल्कि सैनिकों की तैनाती से भी अपनी प्रतिबद्धता दिखा रहा है। उसके सैनिक नाटो में लातविया, स्लोवाकिया, रोमानिया, बुल्गारिया और तुर्किये मिशनों पर तैनात हैं।
नाटो में स्पेन की भूमिका और रूस-यूक्रेन संघर्ष
स्पेन 1982 में नाटो में शामिल हुआ था और 1999 में उसकी सैन्य संरचना में शामिल हुआ। उसने यूक्रेन को रूस के हमले के बाद मानवीय और सैन्य मदद भी दी है। ट्रंप की नई मांग ने स्पेन पर बजट बढ़ाने का दबाव और बढ़ा दिया है, जबकि उसकी वामपंथी सरकार पहले से ही दो फीसदी तक खर्च बढ़ाने को लेकर घरेलू विरोध झेल रही है।