अमेरिका के चुनाव में इस बार भारतीय मूल के अमेरिकी बड़ी भूमिका में हैं। राष्ट्रपति ट्रंप के अस्पताल में जाने के बाद से डेमोक्रेट पार्टी समर्थकों ने भारतीय-अमेरिकियों पर अपना प्रभाव छोड़ना शुरू कर दिया है जबकि रिपब्लिकन समर्थक भी भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और ट्रंप की दोस्ती का हवाला देकर चुनाव मैदान में भारतवंशी मतदाताओं को लुभाने में जुटे हैं।
डेमोक्रेट अभियान ने भारतवंशियों के बीच नारा दिया है, ‘अमेरिका का नेता कैसा हो, जो बिडेन जैसा हो’ जबकि दूसरी तरभ रिपब्लिकन अभियान ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ जैसे नारे के साथ चुनाव मैदान में जा रहा है। अमेरिकी चुनाव में पहली बार ऐसा देखा जा रहा है जब अमेरिका की दोनों बड़ी राजनीतिक पार्टियां भारतीय-अमेरिकियों को ध्यान में रखकर अपना चुनाव अभियान चला रही हैं।
डेमोक्रेटों ने ‘हिंदू अमेरिकंस फॉर बिडेन’ अभियान लांच किया है तो दूसरी तरफ ट्रंप के लिए रणनीति बनाने वालों ने ‘हिंदू वोट्स फॉर ट्रंप’ अभियान शुरू कर दिया है। डेमोक्रेट अभियान ने वादा किया है कि यदि बिडेन जीते तो न्याय विभाग में भारतीय अमेरिकियों की नियुक्ति जल्द ही करेंगे, ताकि भारतीयों के विरुद्ध घृणा अपराध के मामलों में सही न्याय हो सके।
चुनाव टलने के आसार नहीं
ट्रंप के अचानक महामारी की चपेट में आने से कई सवाल खड़े हुए हैं। चुनाव टलने की बात भी उठी है। लेकिन अब मतदान को 30 दिन भी नहीं बचे हैं और कोरोना महामारी के कारण इस बार लाखों अमेरिकी मेल-इन-वोट के जरिए मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके हैं। नवंबर के पहले सप्ताह में मतदान तिथि बी अब अमेरिकी कानून का हिस्सा हो चुकी है, और व्हाइट हाउस अपने दम पर ऐसा फैसला नहीं ले सकेगा। जबकि अमेरिकी संसद में चुनाव टालने का प्रस्ताव पारित होना दूर की कौड़ी है। ऐसे में चुनाव टलने के आसार नहीं के बराबर ही हैं।