अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि रिपब्लिकन पार्टी मध्यावधी चुनावों से पहले अपना पहला राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगी। यह एक अनोखा राजनीतिक आयोजन होगा, जिसका उद्देश्य आगामी मध्यावधी चुनावों में मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करना और कांग्रेस में पार्टी का नियंत्रण बरकरार रखने के लिए समर्थन जुटाना है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह राष्ट्रीय सम्मेलन 9 और 10 सितंबर को टेक्सास के डलास शहर में आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रपति चुनाव की तर्ज पर सम्मलेन की तैयारी
आमतौर पर अमेरिका की दोनों प्रमुख पार्टियां राष्ट्रपति चुनाव के दौरान बड़े राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करती हैं, लेकिन ट्रंप लंबे समय से मध्यावधी चुनावों से पहले भी इसी तरह का आयोजन करने के पक्षधर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट की अहम सीटों पर मतदाताओं का ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा।
किस पर नियंत्रण बनाए रखना चाहते हैं ट्रंप?
यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस के किसी भी सदन में बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो वे ट्रंप के एजेंडे को आगे बढ़ने से रोक सकते हैं। साथ ही उनके कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों में प्रशासन की व्यापक जांच-पड़ताल भी शुरू कर सकते हैं। फिलहाल कांग्रेस में रिपब्लिकन का बहुमत बेहद मामूली है। अमेरिकी राजनीति में आमतौर पर सत्तारूढ़ पार्टी मध्यावधी चुनावों में सीटें गंवाती है। इस बार ट्रंप स्वयं चुनावी बैलेट पर नहीं होंगे, इसलिए पार्टी नेतृत्व को अपने समर्थकों को मतदान के लिए प्रेरित करने की अतिरिक्त चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रंप ने बताई सम्मेलन की रणनीति
ट्रंप को उम्मीद है कि यह कन्वेंशन पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में नया उत्साह पैदा करेगा। वह पिछले वर्ष से ही इस योजना पर चर्चा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन इस आयोजन के जरिए "2024 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद से किए गए बेहतरीन कामों" को जनता के सामने रखेंगे।
सीनेट की किस सीट पर रहेगा फोकस?
डलास में सम्मेलन आयोजित करने से टेक्सास की महत्वपूर्ण सीनेट सीट पर भी राष्ट्रीय ध्यान जाएगा। यहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टैलारिको का मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन से होगा।
केन पैक्सटन के विवाद भी चर्चा में
केन पैक्सटन वर्तमान में टेक्सास के अटॉर्नी जनरल हैं। उन्होंने ट्रंप के समर्थन से इस वर्ष रिपब्लिकन प्राइमरी में लंबे समय से सीनेटर रहे जॉन कॉर्निन को हराया था। हालांकि, रिपब्लिकन रणनीतिकारों को आशंका है कि पैक्सटन से जुड़े पुराने विवाद जिनमें विवाहेतर संबंधों के आरोप, महाभियोग और सिक्योरिटीज़ फ्रॉड का मामला शामिल है (हालांकि उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया) उनकी चुनावी संभावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं और आसान मानी जा रही सीट को मुश्किल बना सकते हैं।
री-डिस्ट्रिक्टिंग रणनीति से भी जुड़ा आयोजन
यह कन्वेंशन ट्रंप की उस री-डिस्ट्रिक्टिंग (चुनावी क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण) रणनीति को भी रेखांकित करता है, जिसकी शुरुआत टेक्सास से हुई थी। इसका उद्देश्य सर्दियों में होने वाले चुनावों में रिपब्लिकन के लिए अधिक सीटें सुनिश्चित करना है।
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रिपब्लिकन ने पहले ही शुरू कर दी थी तैयारी
रिपब्लिकन नेशनल कमेटी ने इस आयोजन की तैयारी वर्ष की शुरुआत में ही शुरू कर दी थी। जनवरी में हुई बैठक में पार्टी ने राष्ट्रपति पद के नामांकन सम्मेलन से जुड़े नियमों में संशोधन कर इस तरह का राष्ट्रीय आयोजन कराने का रास्ता साफ कर दिया था। डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी मध्यावधी चुनावों से पहले इसी तरह का आयोजन करने पर विचार किया था, लेकिन फिलहाल उस योजना को स्थगित कर दिया। हालांकि, 1970 और 1980 के दशक में पार्टी इस तरह के राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर चुकी है।