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US China relations: ट्रंप और शी जिनपिंग ने की फोन पर लंबी बातचीत, ईरान और ताइवान समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा

Thu, 05 Feb 2026 07:39 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग ने फोन पर बात की। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच ईरान और ताइवान जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। शी जिनपिंग से फोन पर बात करने के बाद ट्रंप ने बीजिंग जाने की बात कही। हालांकि चीन ने इसकी पुष्टि नहीं की। 

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चीन और अमेरिका के राष्ट्रीय ध्वज (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बुधवार को फोन पर लंबी बातचीत हुई। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने ईरान की स्थिति पर चर्चा की, क्योंकि अमेरिका चाहता है कि चीन और अन्य देश तेहरान से अपने रिश्ते तोड़ लें। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि शी के साथ उनके रिश्ते बहुत अच्छे हैं। उन्होंने अप्रैल में अपनी बीजिंग यात्रा की योजना का भी जिक्र किया, हालांकि चीन के बयान में इस यात्रा के बारे में कुछ नहीं कहा गया। चीन ने केवल भविष्य में होने वाले शिखर सम्मेलनों की बात की।
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ट्रंप ने दी है धमकी
ईरान को लेकर दोनों देशों में तनाव है। ट्रंप प्रशासन ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने के लिए दबाव बना रहा है। रिपब्लिकन प्रशासन का कहना है कि जून में इजरायल के साथ हुए 12 दिनों के युद्ध और अमेरिकी बमबारी से ईरान के परमाणु स्थलों को पहले ही नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने धमकी दी है कि जो देश ईरान के साथ व्यापार करेंगे, उनके सामान पर अमेरिका 25 प्रतिशत टैक्स लगाएगा। चीन अभी भी ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों के बीच अरबों डॉलर का व्यापार होता है। व्हाइट हाउस ने बताया कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ जल्द ही ईरानी अधिकारियों से मिलेंगे।

ईरान इन देशों से कर रहा व्यापार
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के उद्देश्य से लगाए गए वर्षों के प्रतिबंधों ने देश को अलग-थलग कर दिया है। हालांकि विश्व व्यापार संगठन का कहना है कि तेहरान ने 2024 में अभी भी लगभग 125 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार किया, जिसमें चीन के साथ 32 बिलियन अमेरिकी डॉलर, संयुक्त अरब अमीरात के साथ 28 बिलियन अमेरिकी डॉलर और तुर्की के साथ 17 बिलियन अमेरिकी डॉलर शामिल हैं।
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ताइवान के मुद्दे पर भी हुई बात 
बातचीत में ताइवान का मुद्दा भी अहम रहा। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे मिलाने की बात करता है। वहीं, अमेरिका ने ताइवान को 10 बिलियन डॉलर के हथियार, मिसाइल और ड्रोन देने का ऐलान किया है, जिससे चीन नाराज है। चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह इस मुद्दे को समझदारी से संभाले।

शी जिनपिंग ने पुतिन से की बात
दोनों नेताओं की बातचीत में ग्रीनलैंड का जिक्र होने की पुष्टि नहीं हुई है, जिस पर ट्रंप कब्जा करना चाहते हैं, लेकिन यूरोपीय देश इसका विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा, शी जिनपिंग ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से भी बात की। यह बातचीत ऐसे समय हुई जब अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियार संधि (New START) गुरुवार को खत्म हो रही है, जिससे आधे सदी से भी ज्यादा समय में पहली बार दो सबसे बड़े परमाणु हथियारों के जखीरे पर कोई रोक नहीं रहेगी। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह परमाणु हथियारों पर सीमाएं बनाए रखना चाहते हैं। हालांकि वे संभावित नई संधि में चीन को शामिल करना चाहते हैं। 
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वाशिंगटन में जेडी वेंस ने की अहम बैठक 
दूसरी तरफ, वाशिंगटन में एक बैठक हुई, जिसमें चीन के बिना खनिजों की सप्लाई चेन बनाने पर चर्चा हुई। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि हमें अपनी इंडस्ट्री के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ट्रंप की नीतियों के कारण दुनिया भर में व्यापार के तरीके बदल रहे हैं। वियतनाम, यूरोपीय संघ, भारत और कनाडा जैसे देश नए व्यापारिक समझौते कर रहे हैं ताकि आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।

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