अमेरिका में आज यानी पांच नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है। ऐसे में, डेमोक्रेटिक की ओर से कमला हैरिस और रिपब्लिकन की ओर से डोनाल्ड ट्रंप चुनावी मैदान में हैं। दोनों ही उम्मीदवारों ने प्रचार के आखिरी कुछ घंटों में कोई कसर नहीं छोड़ी। चुनाव से एक दिन पहले उपराष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति ने प्रचार अभियान के अंतिम दिन महत्वपूर्ण चुनावी राज्यों में अपना दबदबा बनाया।
7.8 करोड़ वोट पहले ही डले
फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के इलेक्शन लैब के आंकड़ों के अनुसार, करीब 7.8 करोड़ वोट प्रारंभिक व्यक्तिगत मतदान (early in-person methods) और डाक-इन-बैलेट (डाक मतपत्रों) के माध्यम से डाले गए।
हैरिस ने की आखिरी दिन पांच रैली
उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने अपना पूरा दिन पेंसिल्वेनिया में पांच रैलियां करने में बिताया। इनमें से अंतिम रैली रात 11 बजे फिलाडेल्फिया में होने वाली थी। पेंसिल्वेनिया और मिशिगन को 2024 के राष्ट्रपति चुनावों के लिए ग्राउंड जीरो माना जा रहा है।
ये सात राज्य चुनेंगे राष्ट्रपति
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि विजेता का फैसला सात राज्यों एरिजोना, नेवादा, विस्कॉन्सिन, मिशिगन, पेंसिल्वेनिया, उत्तरी कैरोलिना और जॉर्जिया में चुनाव के नतीजों के आधार पर किया जाएगा। जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की आवश्यकता होती है।
'हम एक साथ उठते और गिरते हैं'
हैरिस ने पेंसिल्वेनिया में एक रैली में कहा, 'आप सभी आज क्या करने के लिए साइन अप कर रहे हैं। आप क्या कर रहे हैं – जैसे, चलो इसका आनंद लें, आप जानते हैं। हम एक साथ उठते और गिरते हैं। यही हमारी ताकत है।' उपराष्ट्रपति ने अपने अभियान में लगातार दूसरे दिन भी ट्रंप का कोई नाम नहीं लिया।
ट्रंप ने भी झोंकी पूरी ताकत
वहीं, आखिरी दिन ट्रंप ने उत्तरी कैरोलिना, पेंसिल्वेनिया और मिशिगन जैसे राज्यों में पहुंचे। उन्होंने चार रैलियां कीं, जिनमें से दो पेंसिल्वेनिया में थीं। उन्होंने दिन की शुरुआत उत्तरी कैरोलिना में एक अभियान रैली के साथ की। वहीं, अपने अभियान को समापन मिशिगन के ग्रैंड रैपिड्स में करने वाले थे, जो उनके 2016 के ऐतिहासिक राष्ट्रपति चुनावों के अंतिम सार्वजनिक कार्यक्रम का स्थल था।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'हम अपने देश के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना से सिर्फ एक दिन दूर हैं। आपको बाहर निकलना होगा और मतदान करना होगा! एकसाथ मिलकर हम अमेरिका को फिर से महान बना सकते हैं।' बता दें, ट्रंप ने 2016 में पेंसिल्वेनिया, मिशिगन और विस्कॉन्सिन में जीत हासिल की थी। हालांकि, 2020 में ये राज्य जो बाइडन के खाते में चले गए थे।
डेमोक्रेटिक पार्टी को मतदान में भारी कमी का सामना करना पड़ रहा: ट्रंप अभियान
ट्रंप अभियान ने सोमवार को दावा किया कि शुरुआती मतदान के आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी को मतदान में भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें सोमवार तक आठ करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। वहीं कुछ प्रमुख युद्धक्षेत्र राज्यों में 50 प्रतिशत से अधिक निर्वाचक पहले ही मतदान कर चुके हैं।
पिछले दो चुनाव चक्रों के पिछले रुझान को देखते हुए शुरुआती मतदान को डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, ट्रंप अभियान ने एक गोपनीय ज्ञापन में तर्क दिया कि इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। उसने कहा कि शुरुआती मतदान होने और चुनाव करीब आने के साथ ही डेमोक्रेट्स को मतदान में भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। हर एक युद्धक्षेत्र राज्य में, हम राष्ट्रपति ट्रंप और रिपब्लिकन को अनुपस्थित मतपत्रों और प्रारंभिक मतदान में पिछले चुनावों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए देख रहे हैं।
अभियान के मुख्य डेटा सलाहकार टिम सेलर ने कहा, 'अगर हम आंकड़ों की बात करें, तो डेमोक्रेट्स खुद के आंकड़े विशेषज्ञों के अनुसार शहरी मतदान में भारी गिरावट का सामना कर रहे हैं और हम ग्रामीण मतदान में वृद्धि पर नजर रख रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के पूर्व अभियान प्रबंधक जिम मेसिना ने कहा था कि शुरुआती वोट संख्याएं थोड़ी डरावनी हैं।'
खुद को और पत्रकारों को गुमराह कर रहे डेमोक्रेट्स
ट्रंप अभियान ने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स यह दावा करके खुद को और पत्रकारों को गुमराह कर रहे हैं कि उनके मतदाता चुनाव के दिन मतदान करेंगे, जबकि सर्वेक्षणों से ऐसा नहीं पता चलता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे डेमोक्रेट मतदाताओं से ऐसा कुछ करने के लिए कह रहे हैं, जो करने का उनका कोई इतिहास नहीं है।