फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रंप सरकार का बड़ा कदम: एक भारतीय समेत 40 लोगों की नागरिकता छीनने की तैयारी में अमेरिका, जानें क्या है वजह

Tue, 06 Oct 2026 01:20 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, वाशिंगटन।

सार

अमेरिका ने आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू की है। 40 लोगों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है, जिनमें भारतीय मूल के बलविंदर सिंह भी शामिल हैं। आइए जानते हैं कि यह कार्रवाई क्यो कि जा रही है?
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका ने आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू की है, जिसके तहत 40 लोगों की अमेरिकी नागरिकता छीनी जा रही है। इनमें भारतीय मूल का एक व्यक्ति भी शामिल है। यह जानकारी अमेरिकी न्याय विभाग ने दी है। 

विज्ञापन


क्या है पूरा मामला? 
अमेरिका की कई अदालतों में नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई का सामना कर रहे इन 40 लोगों पर गंभीर अपराधों के आरोप हैं। इनमें विदेशी सरकार के लिए एजेंट के तौर पर काम करना, जानबूझकर हत्या (वॉलंटरी मैन्सलाटर) करना और विशेष जरूरतों वाले एक व्यक्ति के साथ गंभीर कुकर्म (एग्रवेटेड सोडमी) करना शामिल है।

अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने क्या कहा? 
कैलिफोर्निया के बलविंदर सिंह पर राज्य की ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई चल रही है। उन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके अमेरिका में दाखिला लिया और वहां की नागरिकता हासिल की। अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने सोमवार को कहा, 'आज की घोषणा आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी कोशिश है।'

इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट के तहत क्या कार्रवाई हो सकती है? 
विज्ञापन

इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट के तहत, अगर किसी व्यक्ति ने गैर-कानूनी तरीके से, जरूरी जानकारी छिपाकर या जानबूझकर गलत जानकारी देकर अमेरिका की नागरिकता हासिल की है, तो उसकी नागरिकता छीनी जा सकती है और नेचुरलाइजेशन का सर्टिफिकेट रद्द किया जा सकता है।

जस्टिस डिपार्टमेंट के सिविल डिवीन के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल ब्रेट ए. शुमेट ने कहा, 'इन सभी लोगों ने झूठ बोलकर अमेरिका की नागरिकता हासिल की।' 2003 में, उन्होंने एक दूसरी पहचान के तहत स्थायी निवासी का दर्जा मांगा और हासिल किया।

न्याय विभाग ने क्या कहा? 
न्याय विभाग ने कहा, 'फिंगरप्रिंट से साबित होता है कि सिंह ने दोनों आवेदन जमा किए थे। 2009 में, सिंह ने अपनी दूसरी पहचान के तहत नागरिकता हासिल की। शिकायत में उनके कई गलत बयानों और गैर-कानूनी कामों के लिए सात आरोप लगाए गए हैं, जो उनके नैतिक चरित्र पर बुरा असर डालते हैं।'

विभाग ने कहा कि वह चीन में जन्मे अमेरिकी नौसेना के पूर्व नाविक जिंचाओ वेई की नागरिकता रद्द करने की कोशिश कर रहा है, जिन्हें जासूसी से जुड़े अपराधों का दोषी ठहराया गया था। न्याय विभाग के अनुसार, वेई 2021 में नौसेना में शामिल हुए और फरवरी 2022 तक चीन को सैन्य रहस्य बेचने की साजिश रचने लगे। वह मई 2022 में अमेरिकी नागरिक बने। यह नागरिकता उन्हें उन नियमों के तहत मिली जो अमेरिकी सशस्त्र बलों में सम्मानपूर्वक सेवा करने वाले लोगों के लिए नागरिकता प्रक्रिया को तेज करने के लिए बनाए गए थे।

अन्य नागरिक कहां से है? 
वेई को अगस्त 2025 में जासूसी करने की साजिश रचने, जासूसी करने और रक्षा सामग्री से जुड़े तकनीकी डेटा के गैर-कानूनी निर्यात का दोषी ठहराया गया था। उन्हें 200 महीने की जेल की सजा सुनाई गई और नौसेना से निकाल दिया गया। जिन लोगों के खिलाफ नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई शुरू की गई है, उनमें पाकिस्तान, मैक्सिको, कंबोडिया, नेपाल और अफगानिस्तान के लोग शामिल हैं।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें