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अमेरिका की पाकिस्तान को दो टूक- हाफिज सईद पर खानापूर्ति नहीं, उठाएं कड़े कदम

Sat, 20 Jul 2019 09:29 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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आतंकी हाफिज सईद (फाइल फोटो)
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ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को वैश्विक आतंकी हाफिज सईद को गिरफ्तार करने की पाकिस्तान की मंशा पर शक जताया है। सईद 2001 में भारत में हुए संसद हमले और 2008 के मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड है। अमेरिका का कहना है कि पूर्व में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक की गिरफ्तारी से उसपर या उसके संगठन की गतिविधियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा है।

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अमेरिका ने यह बात ऐसे समय पर कही है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अगले हफ्ते अमेरिका के दौरे पर जाने वाले हैं। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, 'हमने ऐसा अतीत में भी होते हुए देखा है। हम खानापूर्ति की बजाए निरंतर और ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।' आतंकी सईद को बुधवार को गिरफ्तार किया गया है। उसे 2001 से अब तक सातवीं बार गिरफ्तार किया गया है।

भारतीय संसद पर हुए आंतकी हमले के बाद सईद को पहली बार पाकिस्तान ने गिरफ्तार किया था। अधिकारी ने कहा, 'मैं आपको आश्वस्त करता हूं, हम यहां के इतिहास को लेकर स्पष्ट हैं। हमें इन समूहों को पाकिस्तान की सैन्य खुफिया सेवाओं से मिलने वाले समर्थन को लेकर कोई भ्रम नहीं रखते हैं। इसलिए हम ठोस कार्रवाई चाहते हैं। मैंने देखा कि पाकिस्तान ने कुछ शुरुआती कदम उठाए हैं जैसे कि इनमें से कुछ आतंकी समूहों की संपत्ति जब्त करने का वादा किया है। उन्होंने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड सईद को भी गिरफ्तार किया है।' 
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अधिकारी ने कहा कि जानकारी के अनुसार सईद को 2001 में हुए भारतीय संसद पर हमले के बाद से अब तक सातवीं बार गिरफ्तार किया गया है। उसे हमले के तुरंत बाद हिरासत में लिया गया था और बाद में रिहा कर दिया था। उन्होंने कहा, 'यही कारण है कि जब आपने उसे गिरफ्तार किया तो हम इसे लेकर स्पष्ट और यथार्थवादी बने हुए हैं। उसे अतीत में गिरफ्तार करके रिहा किया गया है। इसलिए हम यह देखना चाहेंगे कि पाकिस्तान वास्तव में इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।' 

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, 'स्पष्ट रूप से हाफिज सईद की पिछली गिरफ्तारी से कोई फर्क नहीं पड़ा है और लश्कर आराम से अपनी गतिविधियों का संचालन कर रहा था। इसलिए हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हक्कानी नेटवर्क जैसे पाकिस्तान से संचालित होने वाले आतंकवादी समूहों को लेकर अमेरिका चिंतित है। हमें इन समूहों और पाकिस्तान की सैन्य सेवाओं के बीच सैन्य संबंध में चिंता है।

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