ट्रंप प्रशासन के इस कदम ने उस दिशा-निर्देश को उलट दिया है, जिसने एक दशक से अधिक समय से दो प्रमुख संघीय आव्रजन एजेंसियों को संवेदनशील स्थानों पर आव्रजन प्रवर्तन करने से प्रतिबंधित किया हुआ है। इन एजेंसियों में आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) व सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) शामिल हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति का पद संभालते ही डोनाल्ड ट्रंप ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं। इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने प्रवासियों की गिरफ्तारी के लिए स्थानों को सीमित करने वाली नीतियों को खत्म कर दिया है। अब आव्रजन कानूनों को लागू करने वाले अधिकारी स्कूलों और चर्चों जैसे संवेदनशील स्थानों पर प्रवासियों को गिरफ्तार कर सकेंगे।
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ट्रंप प्रशासन के इस कदम ने उस दिशा-निर्देश को उलट दिया है, जिसने एक दशक से अधिक समय से दो प्रमुख संघीय आव्रजन एजेंसियों को संवेदनशील स्थानों पर आव्रजन प्रवर्तन करने से प्रतिबंधित किया हुआ है। इन एजेंसियों में आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) व सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) शामिल हैं।
गिरफ्तारी से बचाने के लिए अब स्कूलों-चर्चों में नहीं छिप सकेंगे अपराधी
होमलैंड सुरक्षा विभाग द्वारा मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, 'यह कार्रवाई सीबीपी और आईसीई में बहादुर पुरुष और महिलाओं को हमारे आव्रजन कानूनों को लागू करने और हत्यारों व दुष्कर्मियों जैसे आपराधिक विदेशियों को पकड़ने के लिए सशक्त बनाती है।' होमलैंड सुरक्षा विभाग ने कहा कि अपराधी गिरफ्तारी से बचने के लिए अब अमेरिका के स्कूलों और चर्चों में छिप नहीं पाएंगे।
2011 से हैं आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन दिशा-निर्देश
बता दें कि आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन दिशा-निर्देश 2011 से हैं। सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा ने 2013 में इसी तरह का दिशा-निर्देश जारी किया था।
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