अमेरिका के न्यूयॉर्क में इस समय दुनियाभर के नेताओं का जमावड़ा लगा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के साथ-साथ ब्रिक्स और सार्क समेत विभिन्न संगठनों की बैठकें वहां हो रही हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान के नेता भी यहां मौजूद हैं। सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी काफी देर से पहुंचे। कुरैशी ने इसे अपनी तरफ से भारत के बायकॉट का तरीका करार दिया।
इसी बीच बीते काफी समय से दुनियाभर के देशों के सामने कश्मीर मुद्दे का रोना रोने वाले पाकिस्तान के अंदर क्या हालात हैं, उसकी तस्वीर न्यूयॉर्क की सड़कों पर दिखाई दी। दरअसल, न्यूयॉर्क में कई ट्रक ऐसे देखे गए जिन पर डिजिटल विज्ञापन लगे थे। इन पर कराची में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के बारे में बताया जा रहा था। यह विज्ञापन एक संस्था 'वॉइस ऑफ कराची' ने निकाले थे।
यहां मौजूद कराची के पूर्व मेयर वसे जलील ने कहा, 'मुहाजिरों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं, यह दशकों से चला आ रहा है, हमने 25 हजार से ज्यादा लोगों को खोया है और हजारों लोगों को जबरन गायब किया गया है। हम दुनिया को बताना चाहते हैं कि पाकिस्तान ने हमारी क्या हालत कर दी है।'
वॉइस ऑफ कराची के चेयरमैन नदीम नुसरत ने कहा, 'पाकिस्तान को अपना घर ठीक करना चाहिए और अपने ही लोगों की हत्या करना बंद करना चाहिए। वे कश्मीर की बात कर रहे हैं लेकिन उसी समय वह कराची, बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और देश के अन्य क्षेत्रों में बड़े स्तर पर मानव अधिकारों का हनन कर रहे हैं।'
'फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट' के केंद्रीय परिषद के सदस्य शम्स बलूच ने कहा कि हमारा उद्देश्य दुनिया के सामने पाकिस्तान का असली चेहरे को उजागर करना है और दुनिया को यह बताना है कि पाकिस्तान मानवता पर एक धब्बा है।
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान ने बलपूर्वक बलूचिस्तान पर नियंत्रण प्राप्त किया। पाकिस्तान न केवल भारत, अफगानिस्तान या बलूचिस्तान के लिए, बल्कि पूरे विश्व और मानवता के लिए एक वायरस है।
कौन होते हैं मुहाजिर
पाकिस्तान में मोहाजिर या मुहाजिर उन लोगों को कहा जाता है जो भारत-पाक विभाजन के बाद वर्तमान भारत के किसी क्षेत्र से वर्तमान पाकिस्तान में आकर बस गए थे। मोजाहिर पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों में शामिल हैं।