कनाडा में जारी आंदोलन (फाइल फोटो)
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कनाडा में करीब एक हफ्ते से जारी ट्रक ड्राइवरों का आंदोलन बुधवार को खत्म होने की उम्मीद है। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने भरोसा जताया है कि मैनिटोबा-अमेरिका सीमा पर कोविड-19 महामारी प्रतिबंधों के खिलाफ चल रहा यह आंदोलन आज समाप्त हो सकता है। यह आंदोलन कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बना हुआ है।
सीबीसी न्यूज की खबर के मुताबिक मैनिटोबा पुलिस ने कहा कि उसे विश्वास है कि प्रदर्शनकारी एमर्सन क्रॉसिंग इलाका तुरंत खाली कर देंगे और आवाजाही फिर सामान्य हो जाएगी। मैनिटोबा आरसीएमपी के प्रमुख रॉब हिल ने एक बयान में कहा कि आंदोलनकारी जल्द ही पूरा क्षेत्र खाली कर देंगे और एमर्सन बंदरगाह तक आवाजाही आरंभ हो जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने पिछले गुरुवार से ही मैनिटोबा में हाईवे 75 को जाम कर रखा है। हालांकि उन्होंने आपात वाहनों को आने जाने की अनुमति दे रखी है।
इस आंदोलन के कारण कनाडा में जनजीवन व कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। एमर्सन के एक कारोबारी सिमोन रेश्च ने कहा कि करीब एक हफ्ते से दुकान ठप पड़ी है। आवाजाही तुरंत बहाल करने के लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दो साल कोरोना महामारी ने बिगाड़ दिए और अब यह आंदोलन कारोबार को ठप किए, यदि यह चलता रहा तो हम धंधा बंद कर देंगे।
एमर्सन क्रॉसिंग कनाडा-अमेरिका सीमा पर व्यापार के लिए कई महत्वपूर्ण ड्रॉय पोर्ट जमीनी बंदरगाहों में से एक है। आंदोलनकारी न केवल कोरोना पाबंदियां खत्म करने व संघीय सरकार के वैक्सीन आदेश को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, बल्कि प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो के इस्तीफे व अन्य बदलाव की मांगें भी कर रहे हैं।
पीएम ट्रुडो की हुई मुसीबत, पहली बार कनाडा में लगी इमर्जेंसी
यह आंदोलन कनाडा के पीएम ट्रुडो के बड़ी मुसीबत बन गया और पूरे देश में फैल गया। कोरोना वैक्सीन अनिवार्य करने के आदेश के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन उनके इस्तीफे की मांग तक पहुंच गया। इससे निपटने के लिए ट्रुडो को पहली बार देश में आपात स्थिति अधिनियम लागू करना पड़ा। हजारों ट्रक ड्राइवर अपने ट्रकों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस वजह से राजधानी ओटावा के कई इलाके भी जाम हो गए हैं। ओटावा में 50 हजार से ज्यादा ट्रक ड्राइवर्स प्रदर्शन कर रहे हैं।