पोप फ्रांसिस के निधन के बाद उनकी अंतिम झलक पाने के लिए हजारों लोग केंद्रीय गलियारे में खड़े रहे। जनता के लिए सेंट पीटर्स बेसिलिका खुलने के बाद पोप के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन शुरू हुए।
वेटिकन ने पोप फ्रांसिस को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए सेंट पीटर्स बेसिलिका आम जनता के लिए खोला। पोप की अंतिम झलक को हजारों लोग केंद्रीय गलियारे में जुटे। फ्रांसिस का पार्थिव शरीर शनिवार को दफनाए जाने तक उसे यहीं रखा जाएगा। कैथोलिक पादरियों ने इस संबंध में अंतिम रस्म निभाई।
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नया पोप चुने जाने तक वेटिकन प्रशासन का कामकाज देख रहे कार्डिनल केविन फैरेल ने समारोह की अध्यक्षता की, जहां फ्रांसिस रहते थे। लाल रंग के परिधान और टोपी पहने पादरियों ने प्रार्थना की।बेसिलिका के बाहर, लंबी मोमबत्तियां लिए पादरियों के जुलूस को अंदर प्रवेश करते हुए देखने के लिए सेंट पीटर्स स्क्वायर पर आम लोग उमड़ पड़े। वेटिकन निवासियों और पोप के परिवार के लिए निजी दर्शन के वास्ते फ्रांसिस की पार्थिव देह को पहली बार सेंटा मार्टा डोमस में रखा गया था।
आम कैथोलिकों के लिए व्यवस्था
तीन दिन तक चलने वाला यह सार्वजनिक अंतिम दर्शन मुख्य रूप से आम कैथोलिकों के लिए है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पोप के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
इस्राइल ने पोप के निधन पर शोक संदेश वाली पोस्ट हटाई
इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने पोप फ्रांसिस के निधन पर शोक संदेश वाली पोस्ट हटा ली है। पोस्ट में लिखा था, पोप फ्रांसिस, आपकी आत्मा को शांति मिले। उनकी स्मृतियां आशीर्वाद बनी रहें। इस्राइली मीडिया के अनुसार इस पोस्ट पर कुछ राजदूत, खासतौर पर कैथलिक बहुल देशों में कार्यरत राजनयिक नाराज थे। इस पर इस्राइल ने टिप्पणी से इन्कार कर दिया।