अमेरिका में बाइडन प्रशासन ने ऊर्जा विभाग में अहम पदों पर चार भारतवंशियों को नियुक्त किया है। इनमें चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर तारक शाह नियुक्त हुए हैं। वे इस पद पर पहुंचने वाले भारतीय मूल के पहले अमेरिकी बन गए हैं। उनके अलावा तान्या दास को विज्ञान से जुड़े मामलों के विभाग ‘ऑफिस ऑफ साइंस’ की चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया है, नारायण सुब्रमण्यम ‘ऑफिस ऑफ जनरल काउंसेल’ में विधिक सलाहकार के पद पर नियुक्त हुए हैं और शुचि तलाटी को जीवाश्म ऊर्जा से संबंधित विभाग ‘ऑफिस ऑफ फॉसिल एनर्जी’ में चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर नियुक्ति मिली है।
ऊर्जा विभाग में वरिष्ठ स्तर पर 19 अधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा के बाद शाह ने कहा, ‘ये प्रतिभावान लोग जो बाइडन के जलवायु परिवर्तन के संकट से निपटने के लक्ष्य को पूरा करेंगे। तारक शाह ऊर्जा नीति विशेषज्ञ हैं और उन्होंने पिछले दशक में जलवायु परिवर्तन से निपटने पर काम किया है। तान्या दास हाल में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में विज्ञान, अंतरिक्ष एवं प्रौद्योगिकी मामलों की कमेटी की पेशेवर सदस्य थीं। इस दौरान उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा और निर्माण नीति से संबंधित कई मुद्दों पर काम किया। नारायण सुब्रमण्यम बर्कले लॉ में सेंटर फॉर लॉ, एनर्जी एंड एनवायरनमेंट में अतिथि अनुसंधान विशेषज्ञ थे। वहीं, शुचि तलाटी कार्बन 180 में वरिष्ठ नीति सलाहकार थीं। उन्होंने कार्बन हटाने के लिए टिकाऊ एवं उचित प्रौद्योगिकी के निर्माण से संबंधित नीतियों पर फोकस किया।
अमेरिकी सेना में समलैंगिकों पर लगी रोक हटा सकते हैं बाइडन
राष्ट्रपति जो बाइडन एक नए कार्यकारी आदेश के जरिए अमेरिकी सेना में समलैंगिकों के शामिल होने पर लगे प्रतिबंध को हटा सकते हैं। मामले से अवगत एक व्यक्ति ने बताया कि व्हाइट हाउस जल्द इस बारे में घोषणा करेगा। ट्रंप ने अपने कार्यकाल के प्रथम वर्ष में ही समलैंगिकों के सेना में शामिल होने प्रतिबंधित कर दिया था। बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही इस नीति में बदलाव की संभावनाएं बनी थीं।
फ्रांस से रिश्तों की मजबूती पर बाइडन ने की मैक्रों से चर्चा
राष्ट्रपति जो बाइडन ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से एक फोन वार्ता में द्विपक्षीय रिश्ते मजबूत करने पर जोर दिया है। दोनों नेताओं ने विदेश नीति की साझा प्राथमिकताओं सहित चीन, कोविड-19 व जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक साथ काम करने का संकल्प किया। व्हाइट हाउस के मुताबिक दोनों ने नाटो और अमेरिका-ईयू साझेदारी के माध्यम से रिश्तों की मजबूती पर भी जोर दिया। दोनों नेताओं ने चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय संगठनों के जरिये करीबी समन्वय की जरूरत पर सहमति जताई। बाइडन ने नाटो को लेकर प्रतिबद्धता जताई, जो ट्रंप और यूरोपीय नेताओं के बीच विवाद का बड़ा कारण रहा है।
बृहस्पतिवार को आधिकारिक आवास जाएंगी कमला हैरिस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस अभी अस्थायी रूप से ऐतिहासिक ब्लेयर हाउस में ठहरी हैं क्योंकि उनके आधिकारिक आवास में मरम्मत का काम चल रहा है। हैरिस की प्रवक्ता ने बताया कि पेनसिल्वेनिया एवेन्यू पर स्थित समूचे व्हाइट हाउस में ब्लेयर हाउस अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक अतिथि गृह है। उपराष्ट्रपति का आधिकारिक आवास नेवल ऑब्जर्वेट्री परिसर में है। जो व्हाइट हाउस के करीब चार मील उत्तर पश्चिम में स्थित है। उपराष्ट्रपति की मुख्य प्रवक्ता साइमन सैंडर्स ने बताया कि हैरिस बृहस्पतिवार को अपने नए आधिकारिक आवास में जाएंगी।