वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बुधवार को कोरोनावायरस को लेकर आपात बैठक बुलाई थी। हालांकि इस बैठक में यह फैसला नहीं लिया जा सका कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपदा घोषित किया जाए या नहीं। इसे लेकर आगे के कदम उठाने के लिए डब्ल्यूएचओ की समिति गुरुवार को फिर विचार करेगी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस ने स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि इसे जन स्वास्थ्य आपदा घोषित करने के लिए और जानकारी जरूरी है।
भारत अभी तक कोरोनावायरस से पूरी तरह सुरक्षित है। मंगलवार को दुनियाभर से भारत आईं 47 फ्लाइटों के 9156 यात्रियों की जांच की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव प्रीति सूदन ने बुधवार को कहा कि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता सहित सात हवाई अड्डों पर यात्रियों की जांच की गई जिनमें किसी भी यात्री के शरीर में यह वायरस नहीं पाया गया।
प्रीति सूदन ने आगे कहा कि चीन में भारतीय दूतावास नियमित रूप से स्वास्थ्य मंत्रालय को उस देश में संक्रमित मामलों की स्थिति के बारे में लगातार अपडेट कर रहा है। दूतावास ने जानकारी दी है कि चीन में कोरोनावायरस के साथ निमोनिया के कुल 440 मामलों की पुष्टि हुई थी और बुधवार तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। चीन के 14 प्रांतों (ताइवान समेत) में यह मामले दर्ज किए गए हैं।