टोक्यो में ओलिंपिक खेलों के आयोजन को लेकर मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। अब इसकी चिंता मुख्य प्रायोजकों को भी सताने लगी है। जानकारों के मुताबिक प्रायोजकों की मुख्य चिंता अपनी छवि को लेकर है। तमाम जनमत सर्वे ये बता रहे हैं कि जापान की जनता में इन खेलों का आयोजन लगातार अलोकप्रिय होता जा रहा है। इसके बीच लोगों की चिंता के प्रति उदासीन रह कर प्रायोजक अपनी ब्रांड वैल्यू को प्रभावित नहीं होने देना चाहते हैं।
ताजी चिंता टोक्यो-2020 के मुख्य प्रायोजकों में से एक कार निर्माता कंपनी- टोयोटा ने जताई है। इन ओलिंपिक खेलों का आयोजन पिछले साल ही होना था, लेकिन तब कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण इसे टाल दिया गया था। लेकिन उसका आधिकारिक नाम अब भी वही यानी टोक्यो-2020 है। इसका आयोजन इस साल 23 जुलाई से होना तय है।
टोयोटा कंपनी ने कहा है कि लोगों में ओलिंपिक खेलों को लेकर जिस तरह का असंतोष देखा जा रहा है, उससे वह चिंतित है। जापान में अब न सिर्फ आयोजकों, बल्कि इन खेलों में भाग लेने वाले एथलीटों के प्रति भी नाराजगी जताई जा रही है। जापान के लोग सोशल मीडिया पर उनसे सवाल पूछ रहे हैं। इसका जिक्र करते हुए टोयोटा कंपनी के अधिकारी जुन नगाता ने एक बयान में कहा- ‘इन खबरों से हम बेहद चिंतित हैं कि मौजूदा मेडिकल हालत के बीच एथलीट लोगों के असंतोष का निशाना बन रहे हैं।’
टोयोटा दुनिया की उन 15 बड़ी कंपनियों में है, जिन्हें ओलिंपिक पार्टनर्स प्रोग्राम में रखा गया है। इस श्रेणी में शामिल कंपनियों को ओलिंपिक प्रायोजकों के बीच सर्वोच्च दर्जा हासिल है। इस श्रेणी कंपनियों को ग्रीष्म, शीतकालीन और युवा ओलिंपिक खेलों के दौरान अपने सभी ब्रांड्स का विज्ञापन करने का अधिकार है। टोयोटा कंपनी इस प्रोग्राम में 2015 में शामिल हुई थी। नगाता ने कहा- ‘हम यह जानने की कोशिश में जुटे हैं कि एक प्रायोजक के रूप में हम स्थिति सुधारने के लिए क्या कर सकते हैं। टॉप स्पॉन्सर के रूप में हम सचमुच मौजूदा हालत को लेकर चिंतित हैं।’
जापान में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। हाल में यहां स्वास्थ्य आपातकाल की अवधि तीसरी बार बढ़ाई गई। विशेषज्ञों ने ओलिंपिक खेलों में आने वाले वॉलिटियर्स, खिलाड़ियों और अधिकारियों के संक्रमण ग्रस्त होने की आशंका जताई है। खतरा जापानी दर्शकों के लिए भी है, जो खेलों को देखने स्टेडियम पहुंचेंगे। विदेशी दर्शकों के आने पर रोक लगा दी गई है। हालात को देखते हुए कई मशहूर खिलाड़ी इस आयोजन को लेकर चिंता जता चुके हैं। उधर एक महत्वपूर्ण टीम ने इन हालात में जापान में अपने ट्रेनिंग सेशन को रद्द करने का एलान किया है।
अमेरिका की ट्रैक एंड फील्ड टीम (यूएसएटीएफ) ने इसी हफ्ते एलान किया कि वह ओलिंपिक से पहले खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के लिए अपनी टीम जापान नहीं भेजेगी। यूएसएटीएफ ने इसका कारण ओलिंपिक आयोजन को लेकर जारी अनिश्चय को बताया। उसने कहा कि फिलहाल अमेरिकी एथलीट अमेरिका में रह कर अपना अभ्यास करेंगे।
ओलिंपिक में आने वाले खिलाड़ियों को ठहराने के लिए जापान में 528 मेजबान शहर (हॉस्ट टाउन) बनाए गए थे। उनमें से 35 ने अपने हाथ वापस खींच लिए हैं। उन्होंने बता दिया है कि ओलिंपिक खेलों के दौरान वे विदेशी खिलाड़ियों की मेजबानी नहीं करेंगे। हॉस्ट टाउन परियोजना के तहत 184 देशों से आने वाले खिलाड़ियों के स्वागत का इंतजाम किया गया है। वहां ये खिलाड़ी ट्रेनिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भागीदारी करने वाले हैं।
इन हालात के बावजूद अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति अभी भी खेलों के आयोजन पर अड़ी हुई है। समिति के प्रवक्ता ने बीते बुधवार को कहा कि खेलों के आयोजन के लिए सभी तैयारियां आगे बढ़ रही हैं।