अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर तालिबान सरकार ने बगराम एयरबेस अमेरिका को वापस नहीं किया, तो 'बुरी चीजें होंगी।' ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'अगर अफगानिस्तान बगराम एयरबेस उसे वापस नहीं देता जिसने इसे बनाया था, यानी अमेरिका को, तो बुरी चीजें होने वाली हैं।'
बगराम एयरबेस की अहमियत
अफगानिस्तान में मौजूद बगराम एयरबेस दुनिया के सबसे बड़े सैन्य ठिकानों में से एक है। 2021 में अमेरिकी सेना की वापसी के बाद यह एयरबेस तालिबान के नियंत्रण में चला गया था। यह बेस चीन और अफगानिस्तान की सीमा के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। लंदन दौरे पर ट्रंप ने कुछ दिन पहले कहा था कि उनकी योजना थी कि अमेरिका अफगानिस्तान से सम्मानजनक तरीके से सेना हटाएगा, लेकिन बगराम एयरबेस अपने पास रखेगा। उन्होंने कहा, 'हमने इसे तालिबान को मुफ्त में दे दिया। अब हम इसे वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं।'
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अमेरिकी कांग्रेस का समर्थन और चीन का रुख
अफगान मीडिया के मुताबिक, कई अमेरिकी सांसद भी ट्रंप की इस मांग का समर्थन कर रहे हैं। उनका मानना है कि बगराम पर दोबारा अमेरिकी नियंत्रण होना अमेरिका की सुरक्षा और रणनीतिक हितों के लिए जरूरी है। वहीं चीन ने ट्रंप की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अफगानिस्तान की संप्रभुता और स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, 'अफगानिस्तान का भविष्य उसके लोगों के हाथ में होना चाहिए। किसी भी देश को क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का काम नहीं करना चाहिए।'
अफगानिस्तान का जवाब और रूस की चेतावनी
हालांकि तालिबान सरकार ने ट्रंप के बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कुछ समय पहले अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने स्पष्ट कहा था, 'अफगानिस्तान की जमीन का एक इंच भी किसी विदेशी सेना की मौजूदगी के लिए स्वीकार्य नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य देशों तक यह संदेश पहुंचना चाहिए।' वहीं रूस पहले ही चेतावनी दे चुका है कि अमेरिका अफगानिस्तान में फिर से सैन्य उपस्थिति स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है।
वॉशिंगटन अब सुरक्षित और खूबसूरत- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन डीसी में अपराध पर नियंत्रण के बाद हालात पूरी तरह बदल गए हैं। उन्होंने दावा किया कि शहर अब 'खूबसूरत और सुरक्षित' हो गया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'वॉशिंगटन अब पिछले साल जैसा नहीं रहा। न सड़क पर टेंट हैं, न गैंग, न खतरनाक अपराधी। सड़कें साफ-सुथरी और पार्क हरे-भरे हैं। शहर अब खूबसूरत और सुरक्षित है। यह अच्छे शासन का असर है।'
फेडरल इमरजेंसी और नेशनल गार्ड की तैनाती
अगस्त में ट्रंप ने वॉशिंगटन में बढ़ते अपराध को देखते हुए राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की थी। इस दौरान नेशनल गार्ड और फेडरल अफसरों को तैनात किया गया था। 30 दिन बाद यह आदेश समाप्त हो गया, लेकिन ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर स्थानीय पुलिस इमिग्रेशन अथॉरिटी (आईसीई) के साथ सहयोग नहीं करेगी तो वे दोबारा नेशनल इमरजेंसी लागू करेंगे।
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स्थानीय सरकार और ट्रंप में टकराव
वॉशिंगटन की मेयर म्यूरियल बाउजर ने कहा कि शहर की पुलिस इमिग्रेशन मामलों में आईसीई के साथ काम नहीं करेगी। उन्होंने कहा, 'इमिग्रेशन कानून लागू करना हमारी जिम्मेदारी नहीं है।' ट्रंप ने इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, 'अगर मैंने इसे होने दिया, तो अपराध फिर बढ़ जाएगा। वॉशिंगटन के लोगों और कारोबारियों, चिंता मत करो। मैं तुम्हारे साथ हूं। जरूरत पड़ी तो फिर से नेशनल इमरजेंसी लागू करूंगा और फेडरल कंट्रोल संभालूंगा।'
अगले हफ्ते UNGA में शिरकत करेंगे डोनाल्ड ट्रंप
वहीं अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मैं संयुक्त राष्ट्र में बहुत से नेताओं से मिलने जा रहा हूं। संभवतः 20। हर कोई मुझसे मिलना चाहता है।'